देश के स्वच्छतम शहर इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों और इस मुद्दे पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान के विरोध में कांग्रेस द्वारा प्रदर्शन का ऐलान किया गया था।
हालांकि, प्रदर्शन से पहले ही देवास जिले से जारी एक प्रशासनिक आदेश ने पूरे तंत्र में हलचल मचा दी।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से देवास के एसडीएम द्वारा जारी आदेश में प्रयुक्त शब्दावली को लेकर सवाल खड़े हुए। आदेश की भाषा सरकारी मर्यादाओं से इतर और सत्ता पक्ष के खिलाफ विपक्षी आरोपों जैसी प्रतीत हुई। जैसे ही आदेश की प्रति कलेक्टर और संभाग आयुक्त तक पहुंची, उच्च प्रशासनिक स्तर पर गंभीर आपत्ति जताई गई।
संभाग आयुक्त ने की त्वरित कार्रवाई
आदेश के इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए आशीष सिंह, संभाग आयुक्त उज्जैन ने एसडीएम आनंद मालवीय को तत्काल निलंबित कर दिया।
साथ ही, उनके रीडर अमित चौहान को भी निलंबन की कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
निलंबन अवधि के दौरान आनंद मालवीय का मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, उज्जैन संभाग रहेगा, जहां उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। वहीं अमित चौहान का मुख्यालय तहसील कार्यालय सोनकच्छ निर्धारित किया गया है।
इस मामले पर देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बताया कि एसडीएम द्वारा आदेश की भाषा और विषयवस्तु का समुचित परीक्षण किए बिना उस पर हस्ताक्षर कर दिए गए, जो गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के अंतर्गत आता है।


