रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया
कटनी | पड़रभटा स्थित शिवशक्ति वेयर हाउस एक बार फिर गंभीर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। धान खरीदी केंद्र पर किसानों को लगातार परेशान किए जाने, अमानक धान की खरीदी और अधिकारियों-कर्मचारियों की मनमानी को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों ने खरीदी केंद्र प्रभारी बालगोविंद दुबे और समिति प्रबंधक दिनेश द्विवेदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि शिवशक्ति वेयर हाउस में धान जमा करने के दौरान उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कभी सर्वर डाउन होने का हवाला दिया जाता है, तो कभी तौल में गड़बड़ी या दस्तावेजों में कमी बताकर किसानों को कई-कई दिनों तक चक्कर कटवाए जाते हैं। इससे न केवल किसानों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
*मनमानी और दबाव का आरोप*
वेयर हाउस पहुंचे किसानों का आरोप है कि उनसे नियमों के नाम पर अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाते हैं, जबकि अन्य खरीदी केंद्रों पर वही कागजात पर्याप्त माने जाते हैं। किसानों का कहना है कि यदि कोई किसान सवाल करता है या शिकायत दर्ज कराने की बात करता है, तो उसके काम में जानबूझकर और देरी कर दी जाती है। इससे वेयर हाउस में दबाव और डर का माहौल बना हुआ है। कुछ किसानों ने समिति प्रबंधक दिनेश द्विवेदी के व्यवहार को अपमानजनक बताते हुए कहा कि वे अपनी मनमानी से काम करते हैं।किसानों के अनुसार, तौल प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है और कई बार वजन कम निकलने की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता।
*प्रभारी की भूमिका पर सवाल*
किसानों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि खरीदी केंद्र प्रभारी बालगोविंद दुबे की निगरानी में यह सब कुछ हो रहा है। आरोप है कि प्रभारी होने के बावजूद वे किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं देते। बार-बार शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर वेयर हाउस की जवाबदेही किसकी है।
*आय से अधिक संपत्ति के आरोप*
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप समिति प्रबंधक दिनेश द्विवेदी पर लगाए जा रहे हैं। किसानों और स्थानीय लोगों का दावा है कि उनकी संपत्ति ज्ञात आय से कहीं अधिक है। हालांकि, ये आरोप अभी कथित हैं और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन किसानों का कहना है कि निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आ सकती है।
*ईडी जांच की मांग*
कुछ समय पूर्व ईडी की जांच इसी क्षेत्र में एक सेल्समैन के ऊपर हो चुकी हैं लिहाज़ा अब बहुत जल्द समिति प्रबंधक दिनेश द्विवेदी के यहां भी छापा मार कार्यवाही की जाएंगी, किसानों और कुछ जनप्रतिनिधियों ने ईडी से मामले की जांच कराने की मांग तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि अनियमितताओं की शिकायत भोपाल तक पहुंच चुकी है और कुछ समय पहले इस क्षेत्र में ईडी की जांच भी हो चुकी है। किसानों को उम्मीद है कि जल्द ही पड़रभटा खरीदी केंद्र प्रभारी बालगोविंद दुबे और समिति प्रबंधक दिनेश द्विवेदी पर ईडी की जांच पर गाज गिर सकती है। फिलहाल किसान प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बहाल हो और किसानों का शोषण रोका जा सके।
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी


