छिन्दवाड़ा/31 दिसंबर 2025/ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य सूचकांकों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री नारायन ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।5
बैठक में एएनसी पंजीयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में अब तक 75 प्रतिशत पंजीयन हुआ है। चौरई, छिंदवाड़ा अर्बन एवं ग्रामीण तथा परासिया विकासखंडों में एएनसी पंजीयन कम पाए जाने पर कलेक्टर श्री नारायन ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन उप स्वास्थ्य केंद्रों में एएनसी पंजीयन कम है, वहां की जिम्मेदारी तय करते हुए की गई कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत की जाए।
एनीमिया जांच एवं उपचार कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान खराब प्रदर्शन वाले क्षेत्रों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री नारायन ने कहा कि जिन कर्मचारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, उनके इंक्रीमेंट रोके जाने की कार्रवाई की जाए। इसी प्रकार सिकल सेल स्क्रीनिंग की प्रगति पर चर्चा करते हुए मोहखेड़ में 49 प्रतिशत, चौरई में 49 प्रतिशत तथा तामिया में 50 प्रतिशत स्क्रीनिंग पाए जाने पर इन विकासखंडों में स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
सीएचओ के कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री नारायन ने निर्देश दिए कि जिन विकासखंडों में सीएचओ द्वारा कार्य ठीक से नहीं किया जा रहा है, उनका रिव्यू कर आवश्यकतानुसार वेतन रोके जाने की कार्रवाई की जाए। होम डिलीवरी के मामलों पर भी कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। तामिया एवं हर्रई विकासखंड में होम डिलीवरी की संख्या अधिक पाए जाने पर इसे पूरी तरह से कम करने के निर्देश दिए गए। तामिया के बीएमओ के बैठक में अनुपस्थित रहने पर उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश भी कलेक्टर श्री नारायन द्वारा दिए गए।
एनसीडी कार्यक्रम की प्रगति धीमी पाए जाने पर जिला नोडल अधिकारी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को सख्ती से सुधार लाने के निर्देश दिए गए। परिवार कल्याण कार्यक्रम में कम उपलब्धि पर अधिक से अधिक नसबंदी शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री नारायन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रकार की गलत जानकारी या रिपोर्टिंग सामने आती है तो उसका तत्काल खंडन कराया जाए।
इसके साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की नियमित उपस्थिति, वजन मापन एवं पोषण ट्रैकर पर समय पर डाटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश महिला-बाल विकास विभाग को दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश गोन्नाडे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला क्षय अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी, समस्त बीएमओ, बीपीएम, बीसीएम, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


