मध्य प्रदेश के देवास में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक शाहीन खान को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मंगलवार देर शाम योजनाबद्ध ट्रैप के तहत की गई।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता विशाल परमार ने उज्जैन स्थित लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि पत्नी की शिकायत पर कार्रवाई करने के बदले महिला थाने की प्रधान आरक्षक ने 15 हजार रुपये की मांग की, सौदा 10 हजार में तय हुआ।
लोकायुक्त निरीक्षक दीपक सेजवार द्वारा सत्यापन के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने मौके पर ही पकड़ लिया।
प्रशासन का त्वरित एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत ने आरोपी प्रधान आरक्षक को तत्काल निलंबित कर दिया। साथ ही महिला थाना प्रभारी सुनीता कटारा को लाइन अटैच किया गया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
यह कार्रवाई न सिर्फ रिश्वतखोरी पर सख्त संदेश है, बल्कि महिला थाने जैसी संवेदनशील इकाई में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।


