जिला अस्पताल में भर्ती मरीज और स्टाफ को सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले सुरक्षाकमों केतन के लिए भटक रहे है। ठेका पनी सुरक्षाकर्मियों से दो माह काम कराती है और एक माह का वेतन देती है। आर्थिक संकट से जूझ रहेको सुनवाई अस्पताल प्रबंधन द्वारा भी नहीं की जा रही है। परेशान सुरक्षाकर्मियों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर इस मामले को शिकायत की है।
सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि वे इंदौर को प्रथम नेशनल सिक्यूरिटी फोर्स के 13 गार्ड जिला अस्पताल में कार्यरत है। इनमें से 6 महिला गार्ड और पुरुष गार्ड है। ठेका कंपनी द्वारा उन्हें 8 हजार 354 रुप प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। सभी सुरक्षाकर्मियों से माह काम कराया जाता है और एक माह का वेतन दिया जाता है। ये पिछले दो माह से वेतन के लिए परेशान है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। आर्थिक संकट से जूझ रहे सुरक्षाकर्मियों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि उनका वेतन समय पर दिलाया जाए। ज्ञापन सौंपने वाले सुरक्षाकर्मियों में सुभाष अहाके, मिलन दाड़े, गोपाल उईके, मुकेश यादव, अर्जुन डेहरिया, तीरथ, प्रकाश दौड़के, भगवान सिंह, ममता यादव, संगीता यादव, अनुसुईया माहोरे लक्ष्मी और विकास सिंगारे शामिल थे।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


