उमरियापान:- कड़कड़ाती ठंड का असर पान के उत्पादन और बिक्री पर देखने को मिल रहा है। लगातार पान की पत्तियों की बिक्री में भारी गिरावट आई है, जिससे पान उत्पादक किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। सोमवार को पान किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन उमरियापान नायाब तहसीलदार को सौंपा। पान किसान गया प्रसाद चौरसिया, राधिका चौरसिया,कमलेश चौरसिया, भल्लू चौरसिया, जगन्नाथ चौरसिया,दीपचंद चौरसिया, अन्नू चौरसिया,मनोज चौरसिया,सुदामा चौरसिया, राकेश चौरसिया,कृष्णकुमार चौरसिया सहित अन्य किसानों ने बताया कि वे लाखों रुपये की लागत से पान बरेजा तैयार करते हैं और पूरी मेहनत से पान की खेती करते हैं। फसल पूरी तरह तैयार है, लेकिन बाजार में मांग न होने से उनकी आय शून्य हो गई है। उन्होंने शासन से सर्वे कराकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
पान किसानों ने ज्ञापन में कहा कि विगत वर्षों में उद्यानिकी विभाग द्वारा पान उत्पादकों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जोड़ने का सुझाव दिया गया था, लेकिन अब तक पान फसल को बीमा संरक्षण नहीं मिल सका है। किसानों ने इस योजना में शामिल किए जाने की मांग दोहराई। पान किसान चंद्रकांत चौरसिया ने बताया कि कटनी जिले के उमरियापान और बिलहरी क्षेत्र में चौरसिया समाज के अधिकांश लोग पान की खेती पर ही निर्भर हैं। पिछले दो महीनों से पान किसानों की स्थिति बेहद खराब है। लखनऊ और रीवा की मंडियों में भी पान की कोई कीमत नहीं लग रही, जिससे व्यापारी स्थानीय पान खरीदने से कतराने लगे हैं। पान उत्पादक गुलाबचंद चौरसिया ने कहा कि वे 15 पारियों में पान की खेती करते हैं और पूरे परिवार की आजीविका इसी पर निर्भर है। एक पारी तैयार करने में लगभग 5 हजार रुपये का खर्च आता है, लेकिन बिक्री न होने से सारा खर्च घाटे में जा रहा है। किसान वीरेंद्र चौरसिया ने बताया कि डेढ़ महीने से पान बिल्कुल नहीं बिक रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक हालत बिगड़ गई है और बच्चों की फीस तक भरना मुश्किल हो गया है।
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी


