भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य पर्यावरण प्रभाव आंकलन प्राधिकरण (SEIAA) ने प्रदेश भर के परियोजना संचालकों (प्रोजेक्ट प्रोपोनेंट्स) के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई परियोजना संचालक लगातार दो बार छह माह की पर्यावरणीय अनुपालन रिपोर्ट जमा नहीं करता है, तो उसकी पर्यावरणीय स्वीकृति (Environmental Clearance) स्वतः रद्द मानी जाएगी।
SEIAA द्वारा 30 मई 2019 को जारी कार्यालय ज्ञापन में बताया गया है कि कई परियोजना संचालक नियमित रूप से 1 जून और 1 दिसंबर को जमा की जाने वाली अनिवार्य अनुपालन रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं, जो कि EIA अधिसूचना 2006 के तहत अनिवार्य है। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-20 का भी उल्लंघन माना जाएगा।
प्राधिकरण ने यह भी निर्देश दिए हैं कि अब सभी परियोजना संचालकों को अपनी छह माह की अनुपालन रिपोर्ट मंत्रालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा। यदि किसी कारणवश ऑनलाइन अपलोड संभव नहीं है, तो हार्डकॉपी संबंधित प्राधिकरण में जमा कराई जा सकती है।
इस रिपोर्ट में परियोजना से जुड़ी पर्यावरणीय शर्तों के साथ-साथ CSR और CER गतिविधियों की जानकारी देना भी अनिवार्य होगा।
SEIAA के सदस्य सचिव जितेंद्र सिंह राजे द्वारा हस्ताक्षरित आदेश की प्रतिलिपि राज्य शासन के पर्यावरण विभाग, खनिज विभाग, सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।
प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने वाले परियोजना संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


