स्लीमनाबाद थाना पुलिस पर मारपीट और पक्षपात के गंभीर आरोप, 2.5 साल से न्याय को भटक रहा परिवार
कटनी। जिला कलेक्ट्रेट परिसर उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब जनसुनवाई में पहुँचे स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम धुरी (बंधी) की रहने वाले प्रार्थी ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। लोगों ने समझाइश देकर उसे आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया।
घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस व प्रशासन की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े होने लगे।
थाना पुलिस पर गंभीर आरोप
प्रार्थी ने जनसुनवाई में कलेक्टर को सौंपे अपने आवेदन में बताया कि उसका परिवार पिछले ढाई साल से लगातार हमलों, धमकियों और दबाव का सामना कर रहा है, लेकिन स्लीमनाबाद थाना पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।
पीड़ित के अनुसार 23 दिसंबर 2024 को उसके पिता भारत लोधी पर गांव के ही लोटन सोनी और उसके परिवार द्वारा गाली-गलौज करते हुए जानलेवा हमला किया गया। इस दौरान—
ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
आरोप है कि हमलावर घर में घुस आए और उसके भाई कृष्णा लोधी के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसके सिर में अंदरूनी गंभीर चोटें आईं।
“पुलिस ने हमारी बात नहीं लिखी” – पीड़िता
प्रार्थी का आरोप है कि—
“पुलिस ने हमारी शिकायत हमारे बताए अनुसार दर्ज नहीं की, बल्कि अपनी मर्जी से रिपोर्ट तैयार कर दी। आज तक किसी भी आरोपी पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई।”
पिता के लापता होने का आरोप, परिवार दहशत में
पीड़िता के अनुसार घटना के बाद से उसके पिता भारत लोधी लापता हैं, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। इससे पूरा परिवार डर और तनाव में जी रहा है। रात में दबंगों द्वारा घर घेरकर धमकाने की भी शिकायत की गई है।
गांव के कुछ लोगों पर मिलीभगत का आरोप
प्रार्थी ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि—
शिवप्रसाद लोधी, संजय लोधी और लखन लोधी विरोधियों से मिलीभगत कर उसके नाम पर अवैध राशि वसूलते हैं और जबरन समझौते का दबाव बनाते हैं।
प्रशासन से की ये प्रमुख मांगें
पीड़िता ने कलेक्टर से मांग की है कि—
- उसके लापता पिता को शीघ्र तलाशा जाए
- पूरे परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए
- स्लीमनाबाद थाना पुलिस की निष्पक्ष जांच कराई जाए
- आरोपियों पर कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया जाए
कलेक्ट्रेट में बना चर्चा का विषय
इस घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक हड़कंप मचा रहा। मौजूद लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और बढ़ सकती हैं।


