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नई दिल्ली। योगगुरु एवं पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक बाबा रामदेव ने आजकल बढ़ते ट्रेंड डेस्टिनेशन वेडिंग पर बड़ा बयान देते हुए युवाओं से “डिवाइन वेडिंग” को अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विवाह कोई दिखावे का आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में यह एक पवित्र संस्कार है, जिसे सादगी, मर्यादा और आध्यात्मिक भाव के साथ संपन्न किया जाना चाहिए।
बाबा रामदेव ने कहा कि आज समाज में शादी को एक स्टेटस सिंबल बना दिया गया है। लोग लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर विदेशों और महंगे रिसॉर्ट्स में शादियां कर रहे हैं, जो भारतीय परंपराओं और सामाजिक संतुलन के विपरीत है। उन्होंने इसे सामाजिक असमानता को बढ़ाने वाला चलन बताया।
उन्होंने कहा—
“डेस्टिनेशन वेडिंग से ज़्यादा ज़रूरी है डिवाइन वेडिंग। विवाह ऐसा हो जिसमें संयम हो, संस्कार हो और समाज के प्रति जिम्मेदारी हो। फिजूलखर्ची से बचें और वही धन समाज सेवा, शिक्षा और जरूरतमंदों के लिए इस्तेमाल करें।”
बाबा रामदेव ने युवाओं से अपील की कि वे विवाह को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से देखें, न कि केवल भव्य समारोह और दिखावे के रूप में। उन्होंने कहा कि सादा विवाह न सिर्फ आर्थिक रूप से सही है, बल्कि इससे परिवार और समाज में भी सकारात्मक संदेश जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति में विवाह दो आत्माओं का मिलन है, न कि केवल एक सामाजिक आयोजन। डिवाइन वेडिंग से समाज में सादगी, संस्कार और सेवा की भावना मजबूत होगी।
बाबा रामदेव के इस बयान को समाज के विभिन्न वर्गों से समर्थन मिल रहा है। कई सामाजिक संगठनों ने इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश बताया है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है।


