12 ग्राम पंचायतों ने की सोलर लाइट खरीदी में की अनियमितता
कटनी।
मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम के तहत भंडार क्रय नियमों का उल्लंघन कर सोलर लाइट क्रय करने के मामलों में जिला पंचायत स्तर पर सख्त रुख अपनाया गया है। ग्राम पंचायत भखरवारा, छपरा, मवई, बरतरा, चांदनखेड़ा, सिहुंडी (बाकल), पटीराजा, मझगवा मटवारा, चरगवा, भेड़ा एवं कूड़न द्वारा कुल 27 लाख 60 हजार रुपये की सोलर लाइट की नियम विरुद्ध खरीदी किए जाने पर धारा 89 के अंतर्गत प्रकरणों की सुनवाई की गई।
संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत न किए जाने पर अब धारा 92 के अंतर्गत शासकीय राशि की वसूली की कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत सलैया फाटक के ग्राम रोजगार सहायक द्वारा तीन अपात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिए जाने के मामले में सुनवाई हुई। इस प्रकरण में 4 लाख 5 हजार रुपये की शासकीय राशि की वसूली स्वीकृत की गई है।
वहीं ग्राम पंचायत खजुरा में वर्ष 2017-18 के दौरान कराए गए नवीन तालाब निर्माण की गुणवत्ता खराब पाए जाने पर भी सुनवाई की गई। इस तालाब की स्वीकृत राशि 6 लाख 19 हजार रुपये है।
इसके अलावा:
- ग्राम पंचायत बनगवा में गलत जियो टैगिंग कर हितग्राही को लाभ देने का मामला सामने आया।
- ग्राम पंचायत पोंसरा में 3 लाख 20 हजार रुपये के स्वीकृत निर्माण कार्य अधूरे पाए गए।
- ग्राम पंचायत खलवारा में सरपंच, सचिव एवं उपयंत्री द्वारा 4 लाख 91 हजार रुपये की लागत से बनाए गए सीसी रोड व नाली निर्माण में गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया गया।
- ग्राम पंचायत बहोरीबंद के तत्कालीन सरपंच और सचिव के प्रकरण पर भी सुनवाई की गई।
जिला पंचायत की सीईओ एवं विहित प्राधिकारी सुश्री कौर ने कुल मिलाकर 41 लाख 4 हजार रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितताओं, घटिया निर्माण कार्यों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में अपात्र हितग्राहियों को लाभ दिए जाने से संबंधित सभी शिकायतों पर गंभीरता से ग्राम पंचायतों का पक्ष सुना।
उन्होंने रीडर शाखा के प्रभारी अधिकारी श्री पंकज नामदेव को आवश्यक निर्देश देते हुए नियमानुसार आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।
सुनवाई के दौरान संबंधित ग्राम पंचायतों के तत्कालीन एवं वर्तमान सचिव उपस्थित रहे।


