कटनी जिले के रीठी सरकारी अस्पताल का कड़वा सच, एक बार फिर ठंड की रातों में बेरहमी से सामने आया है। सरकार जहा करोड़ों रुपये खर्च कर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा कर रही है । वही ज़मीनी हकीकत यह है कि गर्भवती महिलाओं और मरीजों को कंबल तक नसीब नहीं हो रहे। कड़ाके की ठंड में जब अस्पताल सुरक्षा और गर्माहट का सहारा होना चाहिए, तब मरीज रातभर ठिठुरने को मजबूर हैं। बताया जाता हैं कि मरीज अपने साथ जो कपड़े लेकर आए हैं उसकी के सहारे रात गुजारने पर विवश है ।
प्रशासन की वही पुरानी सफाई कि कंबल धोने गए हैं”न बेड सीट न कंबल l अब लोगों के गले से नहीं उतर रही।आखिर यह क्या लापरवाही है । जबकि पूर्व मैं दर्जनों कंबल दान मैं दिए गए थे । यह एक पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता इस वीडियो में हम दिखाते हैं कि कैसे एक सरकारी अस्पताल की उदासीनता मरीजों की सेहत से खिलवाड़ कर रही है l क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर गरीब मरीज इसी तरह ठंड मैं तड़पते रहेंगे,,,?
हरिशंकर बेन


