रीठी तहसील क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं का सच एक बार फिर सामने आ गया है! नोटिस के बाद भी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के ताले जस के तस लटके रहे—मरीज़ भटकते रहे, पर जिम्मेदार सीएचओ का कहीं अता–पता नहीं!
एनक्यूएएस के नाम पर वसुधा, हरदुवारा और बड़खेड़ा के सीएचओ अपनी पोस्टिंग छोड़कर देवरी के दूसरे सेंटरों में डेरा जमाए बैठे हैं, जबकि विभागीय आदेश ऐसी किसी गतिविधि की अनुमति ही नहीं देता। यह न केवल नियमों की धज्जियाँ उड़ाता है, बल्कि ग्रामीणों की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ है।
ग्रामीणों का आरोप है—
“सेंटर पर तो सिर्फ बोर्ड लटक रहा है… अंदर सेवा का नामोनिशान नहीं! सरकार की योजनाएं कागज़ों में चमक रही हैं, पर ज़मीनी हकीकत ध्वस्त है।”
ग्रामीणों और क्षेत्रीय जानकारों ने जिला प्रशासन से कड़ा कदम उठाने की मांग की है—
➡️ सभी सेंटरों का औचक निरीक्षण
➡️ लापरवाह सीएचओ पर सख़्त कार्रवाई
ताकि स्वास्थ्य सेवाएं फिर से पटरी पर आ सकें।
हरिशंकर बेन


