मध्य प्रदेश में मौसम इस समय तेज़ी से करवट बदल रहा है। पिछले कई दिनों से लगातार गिरते पारे ने लोगों को कंपकंपा दिया था, लेकिन अब तापमान में हल्की बढ़त के साथ मौसम थोड़ा नरम पड़ता दिख रहा है। हालांकि यह राहत ज्यादा लंबे समय तक रहने वाली नहीं है।
आने वाले दिनों में बढ़ेगा तापमान, लेकिन राहत अस्थायी
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। सुबह और रात की कड़ाके की ठंड में थोड़ी नरमी आएगी, वहीं दिन के समय तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर जा सकता है।
लेकिन यह बदलाव अस्थायी है—22 नवंबर के बाद प्रदेश एक बार फिर ठंडी हवाओं की चपेट में आ सकता है।
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि उत्तर-पूर्वी हवाएँ फिर सक्रिय हो सकती हैं, जिससे तापमान में तेज़ गिरावट और शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है।
मौसम को नया मोड़ देने वाला सिस्टम
भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके कारण दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में 22 नवंबर के आसपास एक निम्न दाब क्षेत्र बनने की संभावना है।
यह सिस्टम 24 नवंबर तक डिप्रेशन का रूप ले सकता है और फिर 48 घंटों में और ज्यादा मजबूत हो सकता है।
अगर यह सिस्टम और सक्रिय हुआ तो मध्य भारत के मौसम पर इसका असर दिख सकता है—
- ठंड बढ़ेगी
- कई इलाकों में बादल छा सकते हैं
- कहीं-कहीं हल्की फुहारें भी पड़ सकती हैं
राजगढ़ सबसे ठंडा, कई शहरों में 10 डिग्री से नीचे पारा
प्रदेश में कई शहर कड़ाके की ठंड का सामना कर रहे हैं।
- राजगढ़ सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 7.5°C दर्ज हुआ।
- पचमढ़ी 7.6°C के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित 12 से ज्यादा शहरों में तापमान 10°C से नीचे रहा।
मैदानी इलाकों और नदी-नालों के पास घना कोहरा बना हुआ है। जबलपुर के भेड़ाघाट में दृश्यता काफी कम रही।
22–23 नवंबर को शीतलहर की चेतावनी
मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22 और 23 नवंबर को शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। हवा की रफ्तार बढ़ सकती है और तापमान भी सामान्य से नीचे जा सकता है।
ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और सर्दी से जल्दी प्रभावित होने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


