मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी का प्रकोप, 12 जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे
राजगढ़ रहा सबसे ठंडा—7.5°C दर्ज, 6 जिलों में शीतलहर का येलो अलर्ट
मध्य प्रदेश इस समय भीषण ठंड की गिरफ्त में है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 12 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। इनमें सबसे अधिक सर्दी का असर राजगढ़ में देखने को मिला, जहां तापमान लुढ़ककर 7.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह इस सीजन का प्रदेश का सबसे न्यूनतम तापमान है।
तेज सर्द हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोग अलाव, हीटर और ऊनी कपड़ों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन तेज हवा के झोंके हर उपाय को फीका कर रहे हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने राजगढ़, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, खरगोन और विदिशा में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है।
48 घंटों तक और बढ़ेगी ठंड
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि भोपाल व इंदौर संभाग में अगले 48 घंटों तक शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। जबलपुर अंचल में भी ठंड में और तेजी आने के संकेत हैं।
आगामी दो दिनों तक तापमान में किसी बड़ी बढ़ोतरी की संभावना नहीं है, इसलिए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हो रही बर्फबारी की बर्फीली हवाएं सीधे मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रही हैं। इन्हीं हवाओं के कारण प्रदेश में तापमान लगातार गिर रहा है।
फिलहाल सर्द हवाओं का यह दौर थमता नजर नहीं आ रहा है।
कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें, स्कूलों का समय बदला
कई शहरों में सुबह के समय सड़कें घने कोहरे की चादर में ढकी रहती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। कई जिलों में बच्चों को ठंड से बचाने के लिए स्कूलों के समय में बदलाव भी किया गया है।
ग्रामीण इलाकों में लोग पारंपरिक तरीकों—अलाव, अंगीठी और मोटे कंबलों—से खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश में इस समय सर्दी अपने चरम पर है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि अभी कुछ और दिनों तक ठिठुरन भरी सुबहें और शीतल हवाएं लोगों को परेशान करती रहेंगी।
इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय है।


