छिन्दवाड़ा/20 नवंबर 2025/ जिले के विकासखंड तामिया के महाविद्यालय तामिया में आयोजित विशेष बैठक के दौरान जिला रोजगार अधिकारी श्रीमती माधुरी भलावी ने विद्यार्थियों को रोजगार एवं स्वावलंबन से जोड़ने के लिए हर संभव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। श्रीमती भलावी ने बताया कि रोजगार अवसरों को बढ़ावा देने के लिए महाविद्यालय में रोजगार शिविर एवं करियर कार्यशाला आयोजित कर इंटरव्यू तैयारी, कौशल विकास, स्टार्टअप मार्गदर्शन तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी।
प्राचार्य श्री विजय सिंह सिरसाम ने भी विद्यार्थियों के हितार्थ प्रशासन युवाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। जिला रोजगार अधिकारी श्रीमती भलावी ने महाविद्यालय प्राचार्य द्वारा किये जा रहे नवाचारों की प्रशंसा करते हुए विद्यार्थियों के लिए अपने अतिरिक्त विचार भी साझा किए। उन्होंने कहा कि आज के समय में कौशल आधारित शिक्षा ही रोजगार का सबसे बड़ा साधन है। युवाओं को डिजिटल साक्षरता, ड्राइविंग कौशल, आईटी प्रशिक्षण, उद्यमिता तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
ग्रामीण युवाओं को स्थानीय संसाधनों के आधार पर स्वरोजगार जैसे-परिवहन सेवा, कृषि आधारित उद्योग, डेयरी, पर्यटन से जुड़े कार्य आदि को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अधिक से अधिक विद्यार्थियों को कैरियर काउंसलिंग और व्यवसायिक प्रशिक्षण से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। सभी ने भविष्य में होने वाले रोजगार शिविरों एवं कार्यशालाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने का संकल्प लिया। बैठक में प्रो.निरंजन सिंह राजपूत द्वारा वाहन लायसेंस शिविर के लिये ध्यानाकर्षण कराये जाने पर उन्होंने कहा जिला कलेक्टर एवं आरटीओ से समन्वय कर महाविद्यालय परिसर में जल्द ही लाइसेंस शिविर का आयोजन किया जाएगा, ताकि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र के युवाओं को परिवहन संबंधी दस्तावेज़ आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं की सुविधा के लिए वाहन के लिये ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, जिससे स्वरोजगार के अवसर और अधिक बढ़ सकें। सौजन्य मुलाकात के दौरान डॉ. निर्भय सिंह डोडवे, प्रो.नवीन यादव, डॉ.दिनेश ढाकरिया, डॉ.वेद सरवैया, स्वामी विवेकानंद प्रकोष्ठ प्रभारी प्रो.शैलेष मिश्रा एवं श्रीमती रीता उपस्थित थे।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


