सुनिऐ जुबानी
सीने में दर्द से पीड़ित मरीज रैपुरा निवासी तीन दिन से एक्स-रे रिपोर्ट के लिए अस्पताल के चक्कर काट रहा,, रीठी सरकारी अस्पताल में एक्स-रे विभाग की लापरवाही उजागर,,,डॉक्टर ने तत्काल एक्स-रे लिख दिया, मशीन से एक्स-रे हुआ भी… लेकिन रिपोर्ट तीन दिन बाद भी नहीं मिली,,,मरीज और परिजन परेशान—अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल
गौरतलब यह है कि
कटनी जिले के रीठी सरकारी अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है। रैपुरा निवासी एक मरीज, जिसे सीने में तेज दर्द की शिकायत थी, इलाज के लिए तीन दिन पहले अस्पताल पहुंचा। डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार तो कर दिया, लेकिन सही स्थिति जानने के लिए एक्स-रे कराने की सलाह दी। डॉक्टर की सलाह पर मरीज का एक्स-रे तुरंत कर दिया गया।जिस पर मरीज और परिजन ने राहत की सांस ली कि अब बीमारी का सही पता चल जाएगा। लेकिन असली परेशानी तो यहीं से शुरू हुई—क्योंकि एक्स-रे होने के तीन दिन बाद भी मरीज को रिपोर्ट नहीं दी गई।
परिजनों का कहना है कि वे लगातार अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं—कभी कहा जाता है “कल ले जाना”, कभी “स्टाफ नहीं है”, तो कभी “सिस्टम नहीं चल रहा”। इस बीच मरीज का दर्द जस का तस बना हुआ है।
अस्पताल की इस लापरवाही ने साफ कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में कितनी बड़ी अव्यवस्था है। एक्स-रे जैसी बुनियादी सुविधा की रिपोर्ट तीन दिन तक न मिलना, गंभीर प्रशासनिक कमी और मरीजों से खिलवाड़ के बराबर है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रीठी अस्पताल में ऐसी समस्याएं अक्सर सामने आती रहती हैं—कभी डॉक्टर नहीं, कभी टेक्नीशियन गायब, तो कभी मशीनें बंद। लेकिन अपने फायदे के लिए बिल भुगतान करने में कोई भी देरी नहीं की जाती है । लेकिन जब बात मरीजों के इलाज की हो सभी के हाथ पैर फूलने लगते हैं ।
मरीजों की लगातार बढ़ती परेशानियों ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलकर रख दी है।
हरिशंकर बेन


