मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा के मार्गदर्शन में विशेष जागरूकता कार्यक्रम
वैवाहिक सीजन शुरू होने के साथ ही जहां घरों में नए रिश्तों का आगमन होता है, वहीं इस बार घर की नई बहू के लिए ‘लोकतांत्रिक गृह प्रवेश’ का आह्वान भी किया जा रहा है।
भारत निर्वाचन आयोग की एसवीईईपी आइकॉन सारिका घारू ने कहा—
“विवाह संस्कार के बाद बहू के लिए अब मतदाता संस्कार… अब जुड़वाएं बहू का नाम।”
सारिका विशेष कार्यक्रमों में ‘बन्नी’ लोकगीत गाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं, जिसमें वह संदेश दे रही हैं कि जिस तरह बहू घर की नई पहचान का हिस्सा बनती है, वैसे ही उसे लोकतंत्र की प्रक्रिया में भी नई पहचान मिलनी चाहिए।
शादी के बाद बहू का नाम मतदाता सूची में कैसे जोड़ें?
विशेष जागरूकता कार्यक्रम में सारिका ने मतदाता नाम स्थानांतरण की प्रक्रिया समझाते हुए बताया—
✔ यदि लड़की का नाम मायके की मतदाता सूची में पहले से था
तो फॉर्म-8 के माध्यम से उसका नाम विवाह के बाद ससुराल के पते पर शिफ्ट (स्थानांतरित) किया जा सकता है।
✔ यदि बहू पहली बार मतदाता बन रही है
तो उसे फॉर्म-6 भरकर नया पंजीकरण कराना होगा।
यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से पूरी की जा सकती है।
महिला मतदाता सहभागिता बढ़ाने का लक्ष्य
सारिका ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि—
- शादी के बाद महिलाओं के नाम पुराने पते से हटकर
- सही ढंग से नए पते पर जुड़ जाएं
- ताकि वे चुनाव के दौरान अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें
“अब बहू को दें लोकतांत्रिक स्वागत” — सारिका
सारिका ने परिवारों से अपील करते हुए कहा—
“गृह प्रवेश के बाद बहू को उसके लोकतांत्रिक अधिकार से जोड़ना भी परिवार की जिम्मेदारी है। इसलिए वैवाहिक मुहूर्त के साथ अब मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के मुहूर्त भी निकालें।”



