मध्य प्रदेश में ठंड इस समय अपने चरम पर है। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों के लिए प्रदेश के आधे हिस्से में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। सबसे ज्यादा असर राजधानी भोपाल में दिखाई दे रहा है, जहाँ तापमान गिरकर 5 डिग्री के करीब पहुँच गया—जो पिछले 90 सालों में सबसे बड़ी गिरावट है।
क्यों पड़ रही है इतनी भीषण ठंड?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार,
- हिमाचल और उत्तराखंड की बर्फीली हवाएँ लगातार मध्य प्रदेश की ओर बह रही हैं।
- इसके साथ ही राजस्थान के मरुस्थल में बना शीत हवाओं का घेरा भी प्रदेश में तापमान तेजी से गिरा रहा है।
इन दोनों कारणों ने मिलकर मध्य प्रदेश में भीषण ठंड का प्रकोप बढ़ा दिया है।
10 दिन से जारी शीतलहर का प्रकोप
प्रदेश में लगातार 10 दिनों से शीतलहर का असर बना हुआ है, और तापमान रोज नए रिकॉर्ड तोड़ रहा है।
- 16 नवंबर को भोपाल का न्यूनतम तापमान 13°C था।
- 17 नवंबर को पारा गिरकर 5.2°C पर पहुँच गया।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दो दिनों में तापमान और 5 डिग्री से नीचे जा सकता है।
नवंबर की सबसे सर्द रात का रिकॉर्ड
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन सहित कई शहरों में पिछले 24 घंटों में पारा रिकॉर्ड लेवल पर लुढ़का है।
- भोपाल में रविवार–सोमवार की रात तापमान 5.2°C रहा,
- जो 1941 में दर्ज हुए 6.1°C के नवंबर रिकॉर्ड को भी तोड़ चुका है।
प्रदेश की ओर आने वाली नमी भरी ठंडी हवाओं ने मौसम को पूरी तरह शीतलहर में बदल दिया है।
एमपी के किन जिलों में अलर्ट?
🔶 ऑरेंज अलर्ट (सीवियर कोल्ड वेव) – अत्यधिक ठंड
- भोपाल
- इंदौर
- राजगढ़
🔺 येलो अलर्ट – तेज ठंड / तापमान 7–10°C से नीचे
- धार
- बड़वानी
- खरगोन
- खंडवा
- हरदा
- बैतूल
- देवास
- सीहोर
- शाजापुर
- विदिशा
- रायसेन
- सागर
- शिवपुरी
- निवाड़ी
- टीकमगढ़
- छतरपुर
- सतना
- पन्ना
- दमोह
- जबलपुर
- कटनी
- मैहर
- शहडोल
इन जिलों में रात का तापमान लगातार गिर रहा है और कई जगहों पर यह 7 डिग्री से भी नीचे पहुँच चुका है।


