निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार एवं सक्षम अधिकारी के निर्देश पर
कटनी 17 नवंबर 2025 – नगर निगम सीमांतर्गत सक्षम अधिकारी, विभाग की अनुमति के बिना ही कृषि प्रयोजन की भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर, आर.सी.सी. रोड बनाकर, पानी की टंकी एवं बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य कराने तथा प्लॉट काटकर लगभग 20 पृथक -पृथक व्यक्तियों को विधि विरुद्ध रुप से विक्रय कर करोड़ों रुपयों का अवैध लाभ प्राप्त करनें पर सुशील मोटवानी पिता श्री सुंदर दास मोटवानी, निवासी मकान नंबर 484, संत कंवराम राम वार्ड पर नगरपालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 192 सी के तहत सोमवार को थाना माधवनगर में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह प्राथमिकी निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार एवं सक्षम अधिकारी के निर्देश पर रविन्द्र नाथ टैगोर वार्ड के उपयंत्री जे पी सिंह बघेल द्वारा दर्ज कराई गई है।
यह है प्रकरण
सुशील मोटवानी पिता श्री सुंदर दास मोटवानी, निवासी मकान नंबर 484, संत कवरराम राम वार्ड, माधव नगर, द्वारा नगर निगम सीमांतर्गत रविन्द्र नाथ टैगोर वार्ड, द्वारा ग्राम पड़रवारा के प.ह.नं. 44, नं.बं.-14, रा.नि.मं. मुड़वारा, तहसील कटनी नगर, जिला कटनी स्थित भूमि खसरा नंबर 571, 572/2, 584, 586/2, 586/3, 586/4,639, 640, 640/1, 643/1/1, 644, 644/1, 645, 645/1, 646, 646/1, 649, 649/1, 649/1/1, 649/1/1/1 एवं 649/2 कुल रकबा 6.2000 हेक्टर पर सक्षम अधिकारी, विभाग की अनुमति के बिना अवैध प्लाटिंग कर, आर. सी.सी. रोड बनाकर, पानी की टंकी एवं बाउंड्री वॉल का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त अवैध कालोनाईजर श्री मोटवानी द्वारा स्थल पर प्लॉट काटकर लगभग 20 अलग- अलग व्यक्तियों को विधि विरुद्ध रुप से विक्रय कर करोड़ों रुपयों का अवैध लाभ अर्जित किया गया है। 
सुशील मोटवानी द्वारा विक्रय की गई उक्त भूमि के 20 व्यक्तियों के विवरण की सूची, विक्रय पत्रों एवं खसरा पाँचसाला की प्रमाणित प्रति शिकायत पत्र के साथ संलग्न की गई है।जो वर्तमान राजस्व अभिलेख के अनुसार उक्त भूमि कृषि भूमि दर्ज है, जिसमें भूमि स्वामी सुशील मोटवानी द्वारा बिना किसी सक्षम अधिकारी , विभाग की अनुमति तथा नगर पालिक निगम कटनी एवं नगर तथा ग्राम निवेश से बिना ले-आऊट नक्शा स्वीकृत कराये एवं निर्माण अनुज्ञा प्राप्त किए बिना, कृषि भूमि में गैर कृषि प्रयोजन के लिए रोड़ रास्ता का अवैध निर्माण कार्य किया गया है और प्लॉट विक्रय का कार्य किया गया है।
सुशील मोटवानी के द्वारा नियमानुसार कॉलोनाइजर लाईसेंस लिए बिना तथा कॉलोनी का संपूर्ण विकास किए बिना और विकास तथा निर्माण अनुज्ञा प्राप्त किए बिना अवैध कॉलोनी का निर्माण किया गया है, जिससे निगम कोष और शासन कोष को भी लाखों रुपये की हानि हुई है। क्रेताओं ने यह जानते हुए भी कि विक्रेता द्वारा नगर निगम तथा ग्राम निवेश विभाग से विकास एवं निर्माण अनुज्ञा लिए बिना भूखंडों का विक्रय किया जा रहा है और अवैध कॉलोनी के निर्माण का अपराध किया जा रहा है, यह जानते हुए भी उनके द्वारा भूखंड खरीदे गए हैं और अनेकों लोगों ने बिना अनुमति भवन निर्माण कराकर विद्युत कनेक्शन भी लगवाए गए हैं। जो नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 (ग) के अंतर्गत दंड़नीय पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।


