भोपाल/इंदौर।
मध्यप्रदेश में इस बार नवंबर की सर्दी ने ऐसा पंजा मारा है कि पहाड़ भी शर्माने लगे हैं! इंदौर, भोपाल, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में रात का तापमान 25 साल तक के रिकॉर्ड तोड़ चुका है। कई शहरों में ठंड का ग्राफ इतना नीचे जा रहा है कि मौसम वैज्ञानिक भी हैरान हैं।
मैदानों का कहर इतना कि पहाड़ी शहर भी पीछे!
देहरादून, शिमला, ऊना जैसे पहाड़ी इलाकों से ज्यादा कंपकंपी इस वक्त MP के शहर करा रहे हैं।
- इंदौर 7.6°C
- भोपाल 8.2°C
ये तापमान कई पहाड़ी जगहों से भी नीचे हैं—जो अपने आप में बेहद दुर्लभ स्थिति है।
पचमढ़ी हुआ फीका—मैदानों में ‘हाड़ कंपाने वाली’ ठंड
चौंकाने वाला तथ्य यह है कि प्रदेश का अकेला हिल स्टेशन पचमढ़ी 13.4°C पर बना हुआ है—यानि पहाड़ की रात गर्म, मैदान की रात ठंडी!
विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाएं मध्यप्रदेश के उत्तरी एवं पश्चिमी हिस्सों में सीधी टकरा रही हैं। पचमढ़ी दक्षिण में होने के कारण इन हवाओं का प्रभाव वहां कम है—इसलिए वहां ठंड भी कम है।
कहाँ-कहाँ पारा लुढ़का? — ठंड का नक्शा बिगड़ा
- राजगढ़: 7.4°C
- उमरिया/नौगांव: 8.4°C
- रीवा: 8.9°C
- जबलपुर: 9.9°C
- शिवपुरी: 9°C
- ग्वालियर: 11.4°C
- उज्जैन: 10.7°C
- मंडला: 10.1°C
कई जिलों में कोल्ड डे, कई जगहों पर कोल्ड वेव जैसी स्थिति बन चुकी है।
कोल्ड डे की परिभाषा भी टूटी–मरोड़ी
जब न्यूनतम तापमान 10°C से नीचे और अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5°C कम हो—तब कोल्ड डे घोषित किया जाता है।
अनूपपुर और बालाघाट में स्थिति इसी स्तर की पहुँच गई है।
आगे क्या?—नवंबर तो अभी और सता सकता है
IMD के अनुसार
- नवंबर के तीसरे–चौथे सप्ताह में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है।
- इससे हल्की बारिश की भी संभावना है।
- ग्वालियर–चंबल में पारा और नीचे जा सकता है—क्योंकि सीधी उत्तर दिशा की बर्फीली हवा यहाँ बिना ब्रेक के पहुँच रही है।


