कटनी रीठी के सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही लगातार उजागर हो रही है। ताज़ा मामला अस्पताल की लैब से सामने आया है, जहाँ अस्पताल के सफाई कर्मचारी घंटों से लैब के बाहर बैठकर इंतज़ार करते रहे कि कब लैब का ताला खुले और वे साफ सफाई कार्य कर सकें, लेकिन लैब बंद होने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। कर्मचारियों का कहना है कि रोज़ाना लैब देर से खुलती है, जिससे अस्पताल की जांच सेवाएँ व साफ सफाई प्रभावित होती हैं।
बताया जाता है कि लैब टेक्नीशियन संविदा कर्मचारी धीरेंद्र प्रताप सिंह हमेशा अप डाउन की परंपरा को निभाते हुए अपनी मर्जीनुसार लैब आते हैं । वही आउटसोर्स कर्मचारी रोहित वर्मा भी अपनी निजी लैब पैथोलॉजी को चलाने में व्यस्त देखे जाते हैं । जिसके चलते उन्हें सरकारी लैब की ज़िम्मेदारी निभाने का समय नहीं मिलता। और वही मरीजों को मलेरिया जांच रिपोर्ट भी दूसरे तीसरे दिन दी जाती है। जिसकी करण मलेरिया का सही तरीके से उपचार नहीं हो पता ।
और अस्पताल मुखिया ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है। वहीं स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि ऐसे लापरवाह कर्मचारियों पर सख़्त कार्रवाई की जाए, ताकि मरीजों को समय पर जांच सुविधा मिल सके।
हरिशंकर बेन


