बूथ नंबर 54 की बीएलओ श्रीमती नंदा गोहिया और कांग्रेस की बीएलए श्रीमती आम्रपाली नारनवरे द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के अंतर्गत मतदाताओं से मुलाकात कर गणना प्रपत्र बांटे गए। यह प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्देश पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए होती है, जिसमें बीएलओ घर-घर जाकर हर मतदाता तक गणना प्रपत्र पहुंचाते हैं और मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में मदद करते हैं। मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) क्या है?यह भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूची में सटीकता, अद्यतनता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु किया जाता है।बीएलओ डोर-टू-डोर संपर्क कर सभी पात्र मतदाताओं से बातचीत करते हैं, दस्तावेज मांगते हैं और गणना प्रपत्र वितरण करते हैं।गणना प्रपत्र वितरण का उद्देश्यगणना प्रपत्र का वितरण प्रत्येक मतदाता तक हो, जिससे किसी का नाम छूटे नहीं और डुप्लीकेट, मृतक या अयोग्य नाम हटाए जा सकें।सभी नागरिक अपना सही विवरण दर्ज कर सकें। इससे मतदाता सूची अधिक सटीक बनती है।बीएलओ और बीएलए की भूमिकाबीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) मतदाताओं के द्वार जाकर प्रपत्र देते हैं, जानकारी भरने में मदद करते हैं और जरूरत पड़ने पर दस्तावेजों की जांच करते हैं।बीएलए (बूथ लेवल एजेंट, राजनीतिक दल प्रतिनिधि) इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निगरानी और सहयोग करते हैं।महत्व और प्रक्रिया की निगरानी पर्यवेक्षक/सुपरवाइजर इस अभियान की मॉनिटरिंग करते हैं ताकि हर पात्र मतदाता तक प्रपत्र पहुंचे और सही-सही जानकारी दर्ज हो सके ।मतदाताओं को जागरूक करके, सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाती है, जिससे लोकतांत्रिक अधिकार सुनिश्चित हों यह संपूर्ण प्रक्रिया “सटीक, पारदर्शी और समावेशी मतदाता सूची” बनाने की दिशा में एक आवश्यक और नियमित अभियान है, जिसमें जनभागीदारी और सही दस्तावेजीकरण पर जोर दिया जाता है।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


