रीठी सरकार ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सरकारी अस्पताल खोले हैं जहां मरीजों को निशुल्क जांच एवं दवाईया उपलब्ध कराई जाती हैं। परंतु विभाग के कर्मचारी बेखौफ होकर ग्रामीणों का हक मारकर, दवाइयों का व्यापार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है l
ऐसा ही एक ताजा मामला कटनी जिले की रीठी सरकारी अस्पताल का प्रकाश में आया है
जहा क्षेत्र के वसुधा उपस्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत आने वाले ग्राम नौवापटी के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कि केंद्र में मिलने वाली सरकारी दवाएं मुफ्त होने के बावजूद भी स्वास्थ्य कर्मी मरीजों से पैसे वसूल रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना कि प्रकाश डॉक्टर ने दवाओं के बदले मरीजों से 12सो रुपये तक वसूले हैं। यही नहीं, एक ग्रामीण ने यह भी खुलासा किया कि प्रसव के बाद मिलने वाली 16 हजार रुपये की राशि दिलाने के लिए ,भी प्रकाश द्वारा रुपये की मांग की गई थी। इस संबंध मैं जब क्षेत्र की CHO से बात की गई तोl उन्होंने कहा की प्रकाश सुपरवाइजर एक फील्ड वर्कर है जो वह इस क्षेत्र मैं आते है । सरकारी दवाई बेचने की मुझे कोई जानकारी नहीं है यदि ऐसा है ,तो मैं खुद कार्यवाही किए जाने की मांग करती हूं । वही जब बीएमओ डॉक्टर मेघेंद्र श्रीवास्तव से इस संबंध में बात की जाती है, तो उनके द्वारा गोलमाल जवाब देते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया जाता है l
अब सवाल यह उठता है कि क्षेत्र में चल रहे सरकारी दवाइओ के व्यापार होने की जानकारी बीएमओ को, है l या नहीं,यदि नही तो मीडिया से रूबरू क्यों नही हुए l अगर जानकारी थी, तो अब तक उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई,,? ये सवाल आपको सोचने पर मजबूर कर देगा । कहीं ऐसा तो नहीं कि इस मामले में जिम्मेदार कर्मचारी की भी मिलीभगत होl
जब सरकार जनहित में मुफ्त दवा और इलाज की सुविधा दे रही है, तो गरीब भोले भाले मरीजों से पैसे लेना सीधा भ्रष्टाचार है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने मांग की है l ताकि भविष्य में कोई भी स्वास्थ्य कर्मी इस तरह आम जनता का शोषण न कर सके।
हरिशंकर बेन


