उमरियापान | ग्राम पंचायत उमरियापान में विकास कार्यों को लेकर लंबे समय से उठ रही शंकाएँ आखिरकार सत्य के करीब पहुँचती दिख रही हैं।फर्शीकरण कार्य में अनियमितताओं की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही थीं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए प्रशासन हरकत में आया। एस.डी.ओ. पंचायत अजय केशरवानी उमरियापान पहुँचे और विवादित फर्शीकरण स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई ऐसी बातें सामने आईं, जिसने पूरे मामले को और भी संदिग्ध बना दिया। सबसे बड़ी बात फर्शीकरण में खुलेआम “नॉट फॉर सेल” सीमेंट का इस्तेमाल किया जाना।
*शिकायतों का असर और प्रशासन की तत्परता*
यह पूरा मामला तब तूल पकड़ने लगा जब स्थानीय निवासी प्रदीप चौरसिया द्वारा लंबे समय से लगातार शिकायत की जा रही थी कि उमरियापान पंचायत में फर्शीकरण कार्य में भारी अनियमितताएँ हो रही हैं। उनकी विशेष आपत्ति थी कि पंचायत के अधिकारी घटिया सामग्री का उपयोग कर रहे हैं
और सीमेंट की बोरियों पर स्पष्ट रूप से “नॉट फॉर सेल” लिखा हुआ है, जिसका मतलब है कि यह सामग्री सरकारी आपूर्ति, अन्य योजनाओं या विशेष प्रयोजनों के लिए होती है
और इसे बाजार में बेचना या इस तरह उपयोग करना गलत माना जाता है। प्रदीप चौरसिया ने न केवल पंचायत स्तर पर शिकायत दर्ज कराई, बल्कि इस मुद्दे को स्थानीय समाचार पत्रों की सुर्खियों तक पहुँचाया।
मीडिया में खबरें प्रकाशित होते ही मामला गर्मा गया
और जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ने लगा। इसी दबाव का परिणाम था कि एस.डी.ओ. अजय केशरवानी खुद मौके पर पहुँचे।
*मौके पर मिली अनियमितताएँ*
जाँच के दौरान एस.डी.ओ. ने पाया कि जिन बोरियों से सीमेंट उपयोग किया गया था, उन पर “N.F.S.” अर्थात “NOT FOR SALE” स्पष्ट छपा हुआ था। यह वह सीमेंट होता है जिसे बेचा नहीं जाना चाहिए और इसका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं या सीमित उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
ऐसे सीमेंट का खुलेआम पंचायत कार्यों में उपयोग कई सवाल खड़े करता है।
*एस.डी.ओ. ने जनपद सीईओ को सौंपा प्रतिवेदन*
जाँच पूरी होने के बाद एस.डी.ओ. पंचायत अजय केशरवानी ने विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया और उसे जनपद सीईओ ढीमरखेड़ा को सौंप दिया है। प्रतिवेदन में सभी पाई गई अनियमितताओं का उल्लेख है और आगे कार्यवाही किए जाने की सिफारिश भी की गई है।जनपद सीईओ से अब अपेक्षा है कि वे ठोस कदम उठाते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे, ताकि ग्राम पंचायत के स्तर पर होने वाली अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।

रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी


