दिवाली के मौके पर एक महिला ने अपने एक्स (Twitter) हैंडल पर ऐसा वीडियो शेयर किया जिसने इंटरनेट पर आग लगा दी है। वीडियो में वो रोते हुए नहीं, बल्कि ठहरकर अपनी भावनाएं जाहिर करती दिख रही हैं — “कितनी मेहनत से हम लोग कमाते हैं ताकि अपने परिवार के साथ किसी अच्छे रेस्टोरेंट में एक शांतिपूर्ण शाम बिता सकें, लेकिन जब वहीं अपमान झेलना पड़े तो दिल सच में टूट जाता है।”
‘ताज होटल में सिखाए मैनर्स’ — आम महिला की आवाज़ बनी देश की गूंज
वीडियो में महिला बता रही हैं कि वो दिवाली पर अपनी बहन के साथ ताज होटल में डिनर के लिए गई थीं। तभी होटल के मैनेजर ने उन्हें टोका — वजह थी उनका बैठने का तरीका।
महिला पद्मासन (आलती-पालथी) लगाकर बैठी थीं, और reportedly एक गेस्ट को ये “अनक्लासी” लगा। शिकायत मिली, तो मैनेजर आगे बढ़े और बोले —
“ये फाइन डाइनिंग है, यहां अमीर लोग आते हैं। आपको पैर नीचे करके बैठना चाहिए।”
महिला कहती हैं, “मैं तो बस अपनी बहन के साथ सुकून से खाना खा रही थी, न कोई शोर, न कोई तमाशा। फिर भी, मुझे ये सिखाया गया कि ‘ताज’ में कैसे बैठना चाहिए!”
‘कोल्हापुरी चप्पल’ भी बनी मुद्दा
महिला ने आगे बताया कि जब उन्होंने कोल्हापुरी चप्पल पहनी थी तो मैनेजर ने कहा — “आपको बंद जूते पहनने चाहिए।”
इस पर महिला ने कहा, “मेरे कपड़े, मेरे जूते और मेरा बैठने का तरीका… सब पर लेक्चर! क्या ये होटल है या ट्रेनिंग सेंटर?”
https://x.com/SharmaShradha/status/1980683066239774979?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1980683066239774979%7Ctwgr%5E6cdaad21e1bc90cfb95cf7b75306b483e1a7af57%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=http%3A%2F%2Fapi-news.dailyhunt.in%2F
‘अमीरी, क्लास और कल्चर की बू आ रही है’
वीडियो में महिला का गुस्सा और दुख साफ झलकता है। उन्होंने कहा —
“इन बातों में अमीरी, क्लास और कल्चर की बू आती है। क्या मेहनत से कमाने वाला आम इंसान ताज में बैठ भी नहीं सकता अपने तरीके से?”
उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा:
“मैं अपने पैसों से, अपनी इज्जत से यहां आई थी। क्या मेरी गलती बस इतनी थी कि मैं पद्मासन में बैठी थी? ताज होटल ने मुझे बहुत निराश किया।”
सोशल मीडिया पर मचा हंगामा
वीडियो सामने आने के कुछ ही घंटों में हजारों लोगों ने इसे शेयर किया। कोई महिला के समर्थन में खड़ा दिखा, तो कोई होटल मैनेजमेंट की “क्लास पॉलिसी” पर सवाल उठाने लगा।
लोग लिख रहे हैं —
“अगर इंडियन स्टाइल में बैठना गलत है, तो क्या इंडियन कल्चर सिर्फ दिखावे के लिए है?”
“ताज को शायद अब ‘मैनर्स मैनुअल’ भी बांटना शुरू कर देना चाहिए।”
क्या ये “फाइन डाइनिंग” की परिभाषा है — या फिर एक आम भारतीय के आत्मसम्मान पर सवाल?
सोशल मीडिया अब यही पूछ रहा है।
चैनल इस वायरल वीडियो की पुष्टी नही करता


