राजस्थानी परंपरा और आधुनिक क्रिएटिविटी का संगम इस बार जयपुर के बाजारों में एक नया रूप लेकर आया है। दिवाली की रौनक के बीच सबसे ज्यादा चर्चा जिस मिठाई की हो रही है, वह है अंजली जैन के स्टूडियो से निकली अनोखी कृति — ‘स्वर्ण प्रसादम’, जिसकी कीमत है 1.11 लाख रुपये प्रति किलो।
यह सिर्फ मिठाई नहीं, बल्कि एक लक्जरी एक्सपीरियंस है। अंजली जैन ने इसे “स्वाद, स्वास्थ्य और शाहीपन का परफेक्ट मेल” बताया।
इस प्रीमियम मिठाई में चिलगोजा, केसर, पिस्ता और शुद्ध स्वर्ण भस्म का उपयोग किया गया है। ऊपर की गोल्डन ग्लेज़िंग इसे ज्वेलरी जैसी चमक देती है — मानो मिठाई नहीं, कोई कलाकृति हो।
अंजली के अनुसार, “एक पीस की कीमत करीब तीन हजार रुपये है, जिसे ज्वेलरी बॉक्स जैसे पैकेज में पेश किया जाता है। हमने इसे ऐसा रूप दिया है कि यह न सिर्फ स्वादिष्ट लगे, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी साबित हो।”
आयुर्वेद में स्वर्ण भस्म को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना गया है, इसलिए यह मिठाई लक्जरी के साथ वेलनेस का भी प्रतीक बन गई है।
अंजली के आउटलेट पर ‘स्वर्ण भस्म’ (₹1,950 प्रति पीस) और ‘चांदी भस्म’ (₹1,150 प्रति पीस) जैसी प्रीमियम मिठाइयाँ भी उपलब्ध हैं। इनमें ब्लूबेरी, अंजीर, व्हाइट चॉकलेट और सॉल्टेड बटर कैरेमल जैसे विदेशी इंग्रीडिएंट्स भारतीय स्वाद में नया ट्विस्ट जोड़ते हैं।
दिवाली को समर्पित इस साल की सबसे खास पेशकश है ‘पटाखा थाल’ — जिसमें काजू की मिठाइयाँ सुतली बम, अनार, चकरी और दीए के आकार में सजी हैं। साथ में स्वर्ण भस्म रसमलाई और ड्राई फ्रूट केक हेल्थ कॉन्शियस ग्राहकों के बीच नई पसंद बन रहे हैं।
जयपुर का यह दिवाली सीजन सिर्फ मिठास का नहीं, बल्कि लक्जरी और हेल्थ के शानदार फ्यूजन का उत्सव बन गया है — जहाँ हर बाइट में स्वाद के साथ ‘शाही एहसास’ घुला है।





