कटनी जिले की रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के खंड चिकित्सा अधिकारी को आखिरकार झुकना ही पड़ा जब एक पीड़ित महिला ने स्वास्थ्य विभाग की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी मांग को लेकर माननीय हाईकोर्ट की शरण मैं जाकर न्याय की गुहार लगाई और जीत सुनिश्चित की । स्वास्थ्य विभाग की मनमानी तो देखो ,माननीय हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भी पीड़ित महिला को महीनो भटकाया गया । वही माननीय हाईकोर्ट से फटकार लगाने के बाद बीएमओ ने
अनन फानन में पीड़ित महिला को बैक डेट पर उक्त आदेश का परिपालन करते हुए निर्देशित किया गया कि आप अपनी उपस्थिति संबंधित ग्राम मैं सुपरवाइजर विलहरी देना सुनिश्चित करे। साथ ही स्थानीय बी०सी०एम० और लेखापाल रीठी को समस्त देयकको का भुगतान करने हेतू नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
यह पूरा मामला कटनी जिले की रीठी समुदयक स्वस्थ्य केंद्र क्षेत्र की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिलहरी सेक्टर ग्राम घिनोची कार्यरत महिला आशा कार्यकर्ता रजनी यादव से जुड़ा हुआ है,,।
जहां पीड़ित महिला लगभग डेढ़ साल से अपना भुक्तान वाउचर जमा करने के लिए दर-दर भटक रही थी l परंतु बीसीएम अधिकारी और बीएमओ उसका भुक्तान वाउचर जमा नहीं कर रहे थे जिसकी शिकायत उसने सीएम हेल्पलाइन से लेकर हर विभागीय अधिकारियों से याचना की परंतु कही सफलता नहीं मिली । सभी रास्ते बंद हो जाने के बाद पीड़ित महिला रजनी यादव ने माननीय हाईकोर्ट में न्याय की गुहार लगाई और जीत हासिल की ।
इनका कहना है
महीनो भड़काने के बाद 15 अक्टूबर हाईकोर्ट के वकील का फोन आने पर हम गए तो सर ने बैक डेट का आदेश दिया l
रजनी यादव आशा कार्यकर्ता ग्राम घिनोची,,
हरिशंकर बेन


