कालापीपल (बब्लू जायसवाल)करवाचौथ का व्रत लग-भग सभी दूर हर्ष उल्लास के साथ सुहागिन महिलाएं मानती है,करवा चौथ व्रत पति-पत्नी के अटूट विश्वास का पर्व है,इस व्रत के करने से एक-दूसरे के प्रति प्रेम विश्वास व समर्पण की भावना मजबूत होती है,पति की लंबी आयु की कामना के लिए सुहागिन महिलाएं करवा चौथ का निर्जला व्रत रखती है,यह दिन महिलाओं के लिए विशेष सोलह श्रृंगार करने का होता है और शिव पार्वती की पूजा अर्चना कर चांद का दीदार एवं चांद को आघ्य देकर पति के हाथों से व्रत खुला जाता है,हिंदू रीति रिवाज के अनुसार सभी विवाहित महिलाएं श्रद्धा भाव के साथ करवा चौथ का कठिन व्रत रखा करती है,सुहागिन महिलाओं के लिए करवाचौथ का व्रत विशेष होता है,इस दिन महिलाएं दिन-भर अन्न जल त्याग कर अपने पति की लंबी आयु की कामना करतीं हैं,इसके साथ ही कुंवारी लड़कियां भी मनवांछित 

वर पने के लिए य होने वाले पति के लिए निर्जला व्रत रखती है,हाथ और पैरों पर मेहंदी लगाकर पूजा की थालियों को सजाया,वही शाम को पूरे विधि-विधान से भगवान शिव माता पार्वती और भगवान गणेश कार्तिकेय की पूजा-अर्चना करने के बाद करवा चौथ की कथा सुनी जाती है,इसके बाद रात को चंद्रमा के उदय पर अर्धय देकर आरती उतारी व पति की लंबी आयु की कामना,चंद्रमा के दर्शन करने के बाद चंद्रमा को देख पति को छलनी से निहारती है…!


