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प्रदेश में लगाए जा रहे “स्मार्ट मीटर” अब सवालों के घेरे में हैं।
जिस कंपनी अल्फानार को यह ठेका दिया गया है, उसका मुख्यालय दुबई में है और उसके निवेश संबंध पाकिस्तानी कंपनियों से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।
– 22 सितंबर 2023: पश्चिम डिस्कॉम ने दस्तावेज़ों की कमी के कारण अल्फानार को ठेका देने से मना किया।
– 05 जनवरी 2024: पूर्व डिस्कॉम ने इसी कंपनी को ₹897 करोड़ का ठेका दे दिया।
– 10 जनवरी 2024: मध्य डिस्कॉम ने फिर अल्फानार को लगभग ₹1,100 करोड़ का ठेका सौंप दिया।
यानी कुल मिलाकर लगभग ₹2,000 करोड़ के स्मार्ट मीटर ठेके एक ऐसी कंपनी को दिए गए, जिसे पहले “अयोग्य” घोषित किया गया था।
क्या सरकार जनता की जासूसी करवाने के लिए विदेशी कंपनी को संवेदनशील डेटा सौंप रही है?
📍 प्रेस वार्ता, भोपाल


