रीवा में सबसे ज़्यादा कफ सिरप का सेवन, क्या उप मुख्यमंत्री इसलिए चुप हैं। -प्रोटोकॉल के अनुसार दवा के सैंपल की जांच 72 घंटे में पूरी होनी चाहिए, लेकिन 29 सितंबर को भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट आने में 6 दिन लग गए। - क्या राजेंद्र शुक्ला जी ने कफ सिरप इसलिए बैन नहीं करवाई क्योंकि रीवा में कफ सिरप के नाम पर नशे का कारोबार हो रहा है? - दोषी दवा निर्माता कंपनियों और संबंधित अधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराई जाए, ताकि जिम्मेदारों की भूमिका स्पष्ट हो सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। .