मध्य प्रदेश में नवरात्रि से पहले गरबा उत्सव को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं ने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश का विरोध करते हुए आयोजकों को सख्त नियम लागू करने के निर्देश दिए हैं।
*नियम और प्रतिबंध:*
– *तिलक और कलावा*: गरबा पंडाल में प्रवेश करने के लिए तिलक और कलावा पहनना अनिवार्य होगा।
– *पहचान पत्र की जांच*: आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों की जांच की जाएगी ताकि व्यक्ति की धार्मिक पहचान स्पष्ट हो सके।
– *भगवान विष्णु की तस्वीर*: प्रवेश द्वार पर भगवान विष्णु के वराह अवतार की तस्वीर लगानी होगी और हर व्यक्ति को उस तस्वीर के आगे माथा टेककर तिलक लगाना होगा।
*राजनीतिक समर्थन:*
– *भाजपा नेताओं का समर्थन*: भाजपा सांसद आलोक शर्मा और विधायक रमेश्वर शर्मा ने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध का समर्थन किया है।
– *राज्य मंत्री का बयान*: राज्य मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने भी इस प्रतिबंध का समर्थन करते हुए कहा कि गरबा माता दुर्गा की उपासना का पावन पर्व है और इसमें केवल हिंदू धर्म का पालन करने वालों को ही भाग लेने की अनुमति होनी चाहिए।
*विवाद के केंद्र में:*
– *हिंदू संगठनों की मांग*: हिंदू संगठनों ने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है।
– *सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व*: गरबा नवरात्रि के दौरान एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन है।
*भविष्य की संभावनाएं:*
– *गरबा पंडालों में तनाव*: गरबा पंडालों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है अगर गैर-हिंदू प्रवेश करने का प्रयास करें।
– *विरोध प्रदर्शन*: विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं अगर हिंदू संगठनों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता है।सूत्रो पर अधारित


