रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। अखिल भारत हिंदू महासभा मध्यप्रदेश के प्रदेश महामंत्री कन्हैयालाल रैकवार, जिलाध्यक्ष उदय मसानिया सहित पदाधिकारियो ने गोठी धर्मशाला की जमीन लीज सहित व्यवसायीकरण उपयोग को लेकर जांच की मांग का ज्ञापन कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर डॉ बबीता राठौर को सौंपा। अखिल भारत हिंदू महासभा जिलाध्यक्ष उदय मसानिया द्वारा ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि गोठी धर्मशाला एक ट्रस्ट है, जिसको प्रशासन द्वारा लीज पर सेवा भाव करने के उद्देश्य से धर्मशाला बनाने जमीन दी गई थी। ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाते हुए अवगत कराया गया कि कई वर्षों से इस धर्मशाला का व्यवसायीकरण हो रहा है, उससे गोठी परिवार को फायदा पहुंचाया जा रहा है। गोठी धर्मशाला की तीन दिशाओं में दुकानों का निर्माण किसकी इजाजत से लिया गया और उन दुकानों से जो राजस्व आता है वह किसके पास जाता है ? क्या प्रशासन के पास उस राजस्व की कोई रसीद है जो वह राजस्व प्राप्त करने के बदले देते हैं ? गोठी धर्मशाला जो समाज सेवा के उद्देश्य से बनाई गई, उसमें जो कमरा किराए से दिए जाते हैं, उनका पैसा किसके पास रहता है? गोठी धर्मशाला में शहर की होटल एवं रेस्टोरेंट नीलम होटल को व्यवसाय करने की अनुमति किसके द्वारा और किस उद्देश्य दी गई ? नीलम होटल संचालक के द्वारा गोठी धर्मशाला की जमीन पर किसके आदेश से होटल निर्माण कराया गया? होटल निर्माण के बाद से जो मुनाफा होता है वह किसको होता है? गोठी धर्मशाला के नीचे जितनी भी दुकानें हैं क्या उनकी रजिस्ट्री है? अगर नहीं है तो फिर कितना किराया दुकानदार देते हैं? किराया किसे दिया जाता है? अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारियो ने जिला प्रशासन से इन सभी सवालों के जवाब और जनहित में जांच की मांग करते हुए जानकारी मांगी है।


