भगवान की और कभी कोई एक पग भी आगे बढ़ता है तो भगवान उसके लिए सौ पग आगे बढ़ाते हैं – किशोरी वैष्णवी गर्ग*
*दमोह* – कथावाचक किशोरी वैष्णवी गर्ग जी ने बाल लीलाओं का वर्णन करते हैं, जैसे कि राजा परीक्षित को शुकदेव जी द्वारा सुनाई गई कथा और गोवर्धन लीला का प्रसंग, जिससे पितरों को शांति मिलती है और कथा सुनने वाले को आनंद की प्राप्ति होती है.
श्रीमद् भागवत कथा में पंचम दिवस का महत्व
बाल लीलाओं का वर्णन:
पंचम दिवस की कथा में भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की लीलाओं का वर्णन किया जाता है.
गोवर्धन लीला:
इस दिन गोवर्धन लीला का वर्णन होता है, जिसमें भगवान ने अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को धारण किया था. इंद्र का अभिमान तोड़ना कथा में इंद्र देव का अभिमान तोड़ने के प्रसंग का भी वर्णन होता है.
श्रीमद् भागवत कथा सुनने और पढ़ने से पितरों को शांति मिलती है.
राजा परीक्षित की कथा:
शुकदेव जी द्वारा राजा परीक्षित को सुनाई गई कथा का भी उल्लेख किया जाता है.
मन की अशांति:
कथा सुनने वाले की मनोशांति बनी रहती है, और वह जीवन के दुखों से मुक्ति पाता है.
कथा का उद्देश्य
श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस पर यह सिखाया जाता है कि मनुष्य को मालिक की इच्छा पर चलना चाहिए, और जो मालिक की इच्छा है, वही मेरी इच्छा है. इस प्रकार की कथा सुनने से जीवन में आनंद और संतुष्टि आती है. आज शुक्रवार को रुक्मणी श्रीकृष्ण विवाह होगा जाएगा।।
मुख्य यजमान श्रीमति गौरा बाई गोविंद प्रसाद सोनी ,हरिओम सोनी गणेश पुरम इमलाई फैक्टरी हटा नाका के पास में एवं समस्त सोनी परिवार ने कथा श्रवण करने की अपील की है


