• मुखपृष्ठ
  • नियम एवं शर्ते
  • गोपनीयता
  • खंडन
  • शिकायत/ सुझाव
  • हमारे बारे में
  • संपर्क
No Result
View All Result
Friday, June 26, 2026
MP NEWS CAST
NEWSLETTER
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
  • Home
  • हमारा शहर
  • प्रादेशिक ख़बरें
    • मध्यप्रदेश
      • भोपाल
      • अनुपपुर
      • दमोह
      • कटनी
      • सागर
      • उत्तरप्रदेश
        • अयोध्या
        • आगरा
        • कन्नौज
        • कौशांबी
        • चंदौली
        • चित्रकूट
        • जालौन
        • जौनपुर
      • उत्तराखण्ड
        • नैनीताल
      • गुजरात
        • अहमदाबाद
      • राजस्थान
        • भरतपुर
  • पॉलीटिक्स
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यवसाय
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
MP NEWS CAST
No Result
View All Result
Home मध्यप्रदेश दमोह

भागवत कथा के तीसरे दिन सती चरित्र रोचक प्रसंग *भक्ति और श्रद्धा से किया गया कार्य ही फलदायी होता है – किशोरी वैष्णवी गर्ग*

by Manish Gautam Chiefeditor
September 9, 2025
in दमोह
0
भागवत कथा के तीसरे दिन सती चरित्र रोचक प्रसंग  *भक्ति और श्रद्धा से किया गया कार्य ही फलदायी होता है – किशोरी वैष्णवी गर्ग*
0
SHARES
0
VIEWS
FacebookTwitterWhatsappTelegram

दमोह: सोनी परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा सुनाते हुए कथा व्यास किशोरी वैष्णवी गर्ग जी ने बताया पितृ पक्ष के दौरान श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण और पाठ करने से पितरों को शांति मिलती है, उनकी आत्मा तृप्त होती है, और पितृ दोष समाप्त होता है ,जिससे परिवार में सुख और शांति आती है।यह सुनने वाले व्यक्ति और परिवार के लिए भी पुण्यदायी होता है, जिससे सुख-समृद्धि आती है और सभी के मन को शांति मिलती है, साथ ही परिवार पर पितरों का आशीर्वाद बना रहता है. पितृ पक्ष में भागवत कथा सुनने के लाभ कथा सुनने से पितर संतुष्ट होते हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।कथा श्रवण से न केवल पितरों को शांति मिलती है, बल्कि सुनने वाले परिवार के सदस्यों को भी सुख-समृद्धि और पुण्य प्राप्त होता है,

भागवत कथा के माध्यम से आत्म-खोज होती है और मनुष्य को आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होता है, जिससे आत्मा को भी शांति मिलती है.
*कथा व्यास किशोरी वैष्णवी गर्ग जी ने* बताया :- भागवत कथा सुनने से जीवन के कष्टों से छुटकारा मिलता है और बिगड़े हुए काम भी बनने लगते हैं. पितृ पक्ष एक ऐसा समय है जब पितरों की प्रसन्नता के लिए विशेष कर्म किए जाते हैं. ऐसे में श्रीमद्भागवत कथा सुनना और उसका पाठ करना पितरों को प्रसन्न करने और उनके आशीर्वाद को प्राप्त करने का एक अत्यंत शुभ और प्रभावी माध्यम माना जाता है.।।
किशोरी जी ने बताया कि किसी भी स्थान पर बिना निमंत्रण जाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि जहां आप जा रहे है वहां आपका, अपने इष्ट या अपने गुरु का अपमान न हो।
कथा वाचक किशोरी वैष्णवी गर्ग जी ने कहा कि यदि अपने गुरू,इष्ट के अपमान होने की
आशंका हो तो उस स्थान पर जाना नहीं चाहिए। चाहे वह स्थान अपने जन्म दाता पिता का ही घर क्यों न हो। प्रसंगवश भागवत कथा के दौरान सती चरित्र के प्रसंग को सुनाते हुए भगवान शिव की बात को नहीं मानने पर सती के पिता के घर जाने से अपमानित होने के कारण स्वयं को अग्नि में स्वाह होना पड़ा था। भागवत कथा में उत्तानपाद के वंश में ध्रुव चरित्र की कथा को सुनाते हुए बाल व्यास जी ने समझाया कि ध्रुव की सौतेली मां सुरुचि के द्वारा अपमानित होने पर भी उसकी मां सुनीति ने धैर्य नहीं खोया जिससे एक बहुत बड़ा संकट टल गया। परिवार को बचाए रखने के लिए धैर्य संयम की नितांत आवश्यकता रहती है। भक्त ध्रुव द्वारा तपस्या कर श्रीहरि को प्रसन्न करने की कथा को सुनाते हुए बताया कि भक्ति के लिए कोई उम्र बाधा नहीं है। भक्ति को बचपन में ही करने की प्रेरणा देनी चाहिए क्योंकि बचपन कच्चे मिट्टी की तरह होता है उसे जैसा चाहे वैसा पात्र बनाया जा सकता है। बलराम जी महाराज ने कहा कि व्यक्ति अपने जीवन में जिस प्रकार के कर्म करता है उसी के अनुरूप उसे मृत्यु मिलती है। भगवान ध्रुव के सत्कमोर् की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ध्रुव की साधना,उनके सत्कर्म तथा ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा के परिणाम स्वरूप ही उन्हें वैकुंठ लोक प्राप्त हुआ। कथा के दौरान किशोरी जी ने बताया कि संसार में जब-जब पाप बढ़ता है, भगवान धरती पर किसी न किसी रूप में अवतरित होते हैं। उन्होंने कहा कि कलयुग में भी मनुष्य सतयुग में भगवान कृष्ण के सिखाए मार्ग का अनुसरण करे तो मनुष्य का जीवन सफल हो सकता हैभागवत कथा के तीसरे दिन ध्रुव चरित्र अजामिल एवं प्रहलाद चरित्र के विस्तार पूर्वक वर्णन के साथ संगीतमय प्रवचन दिए। आज बुधवार को श्री कृष्ण जी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा ।मुख्य यजमान श्रीमति गौरा बाई गोविंद प्रसाद सोनी ,हरिओम सोनी गणेश पुरम इमलाई फैक्टरी हटा नाका के पास में एवं समस्त सोनी परिवार ने कथा श्रवण करने की अपील की है

Share this:

  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp

Like this:

Like Loading…
Manish Gautam Chiefeditor

Manish Gautam Chiefeditor

Next Post
पुलिस-जनता संवाद को मजबूत बनाने के लिए जनसुनवाई का आयोजन”

पुलिस-जनता संवाद को मजबूत बनाने के लिए जनसुनवाई का आयोजन"

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.

No Result
View All Result
  • About Us
  • Client Portal
  • Complaints and Feedback
  • Contact
  • Home 1
  • Privacy Policy
  • Privacy Policy
  • Rules and Regulations

© 2020 MP News Cast - Director Manish Gautam.

%d