सोसायटी के एमएलटी वेयर हाउस स्थित उपार्जन केंद्र में मूंग और उड़द की खरीदी में धांधली के मामले में दस व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देश पर सहायक संचालक कृषि रवि आम्रवंशी ने भेडाघाट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें समिति प्रबंधक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, सर्वेयर, केंद्रीय सहकारी बैंक शहपुरा के शाखा प्रबंधक एवं गोदाम संचालक शामिल हैं। एफआईआर में अवैध लाभ कमाने की नियत से धोखाधड़ी और षडयंत्र कर किसानों एवं शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप है। जिला स्तरीय जाँच दल की जाँच में ऑनलाइन दर्ज खरीदी से कम पाई गई थी 1.86 करोड़ की 2 हजार 187 क्विंटल मूंग और उड़द।
पुलिस द्वारा नामजद किए गए आरोपियों में बेलखेड़ी के कमलसिंह ठाकुर, मेरेगांव के राजपालसिंह, गुंदरई मनकेड़ी के दीपेंद्र सिंह ठाकुर, सहकारी बैंक शाखा प्रबंधक अजय तिवारी, बेलखेड़ा के अंकित उर्फ राजशेखर, हिनौता कटंगी के शम्भू ठाकुर, बिंदू राय उर्फ अरविंद भैरोघाट पिपरिया, रोहित यादव कोनीकला पाटन, देवेंद्र यादव बिरहनी सहित मजीठा के आदेश तिवारी को आरोपी बनाया गया है।
इन पर आरोप है कि अवैध लाभ कमाने की नीयत से शासन के साथ धोखाधड़ी कर राज्य सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचायी गई है। एसडीएम शहपुरा की अध्यक्षता में कराई गई इस जांच में आनलाइन दर्ज की गई खरीदी में गड़बड़ मिली थी। इसमें 1.86 करोड़ रुपए कीमत की करीब 2 हजार 187 क्विंटल मूंग और उड़द कम निकली थी। इस पर भेड़ाघाट थाना पुलिस ने धारा 318 (4)336 (3)338, 61(2) वीएनएस का अपराध घटित किया गया है।
इन गड़बड़ियों के कारण हुई थी जांच
पूर्व में मिली शिकायतों पर अनियमितता की जांच में एमएलटी वेयर हाउस की आनलाइन खरीदी में 1 हजार 671 क्विंटल मूंग और 253 क्विंटल उड़द कम मिली है। इस केंद्र में 503 किसानों से 12 हजार 928 क्विंटल मूंग एवं 299 किसानों से 8 हजार 736 क्विंटल उड़द आनलाइन खरीदी गई थी। जिला स्तरीय जांच दल को 11 हजार 257 क्विंटल मूंग और 8 हजार 434 क्विंटल उड़द ही स्टेक में लगी मिली थी। इसके अलावा वेयर हाउस में फर्श पर रखा 324 क्विंटल मूंग एवं 285.5 क्विंटल उड़द का तुला हुआ स्कंध मिला था।
237 क्विंटल मूंग एवं 76 क्विंटल उड़द स्टेक पर लगी मिली लेकिन फर्श पर रखे पाये गये इस स्कंध तथा स्टेक में लगी पाई गई इस मूंग और उड़द की पोर्टल पर एंट्री ही नहीं की गई थी। जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने 315 किसानों को मूंग एवं 243 किसानों को उड़द का भुगतान करा दिया लेकिन शेष संदिग्ध भुगतान रोक लिया गया था। इसके पूर्व 68 किसानों को मूंग का 1 करोड़ 52 लाख 15 हजार 205 रुपये तथा 47 किसानों को उड़द का 1 करोड़ 07 लाख 63 हजार 205 रुपये का भुगतान किया जा चुका था।


