*परियोजना की मुख्य विशेषताएं:*
– *लक्ष्य*: 31,300 स्व-सहायता समूह की महिलाओं को लाभान्वित करना और 30 लाख से अधिक फलदार पौधे लगाना।
– *आर्थिक सहायता*: सरकार द्वारा 1000 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है, जिसमें पौधों की सुरक्षा, कटीले तार की फेंसिंग, पौधे खरीदने, खाद और सिंचाई के लिए जल कुंड बनाने की लागत शामिल है।
– *प्रशिक्षण*: महिलाओं को वर्ष में दो बार प्रशिक्षण दिया जाएगा।
– *निगरानी*: MPSEDC द्वारा ड्रोन से निगरानी की जाएगी और एक डैशबोर्ड के माध्यम से प्रतिदिन कार्य की प्रगति की निगरानी की जा रही है।
*परियोजना के लाभ:*
– *महिलाओं की आर्थिक उन्नति*: परियोजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
– *पर्यावरण संरक्षण*: फलदार पौधों के लगाव से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
– *पुरस्कार*: प्रदर्शन के आधार पर प्रथम 3 जिले, 10 जनपद पंचायत और 25 ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा।
*वर्तमान स्थिति:*
– *10,162 महिलाओं को स्वीकृति*: अब तक 10,162 महिलाओं को स्वीकृति मिल चुकी है।
– *खंडवा जिला सबसे आगे*: फलोद्यान की बगिया विकसित करने में खंडवा जिला सबसे आगे है, जबकि सिंगरौली जिला दूसरे नंबर पर है।
[03/09, 4:25 pm] Business assistant: मध्य प्रदेश सरकार ने ‘एक बगिया मां के नाम’ परियोजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस परियोजना के तहत, महिलाएं अपनी निजी भूमि पर फलदार पौधे लगा रही हैं और सरकार द्वारा प्रदान की गई सहायता से बगिया विकसित कर रही हैं।
*परियोजना की मुख्य विशेषताएं:*
– *लक्ष्य*: 31,300 स्व-सहायता समूह की महिलाओं को लाभान्वित करना और 30 लाख से अधिक फलदार पौधे लगाना।
– *आर्थिक सहायता*: सरकार द्वारा 1000 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है, जिसमें पौधों की सुरक्षा, कटीले तार की फेंसिंग, पौधे खरीदने, खाद और सिंचाई के लिए जल कुंड बनाने की लागत शामिल है।
– *प्रशिक्षण*: महिलाओं को वर्ष में दो बार प्रशिक्षण दिया जाएगा।
– *निगरानी*: MPSEDC द्वारा ड्रोन से निगरानी की जाएगी और एक डैशबोर्ड के माध्यम से प्रतिदिन कार्य की प्रगति की निगरानी की जा रही है।
*परियोजना के लाभ:*
– *महिलाओं की आर्थिक उन्नति*: परियोजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
– *पर्यावरण संरक्षण*: फलदार पौधों के लगाव से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
– *पुरस्कार*: प्रदर्शन के आधार पर प्रथम 3 जिले, 10 जनपद पंचायत और 25 ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा।
*वर्तमान स्थिति:*
– *10,162 महिलाओं को स्वीकृति*: अब तक 10,162 महिलाओं को स्वीकृति मिल चुकी है।
– *खंडवा जिला सबसे आगे*: फलोद्यान की बगिया विकसित करने में खंडवा जिला सबसे आगे है, जबकि सिंगरौली जिला दूसरे नंबर पर है।


