संवाददाता -भूनेश्वर केवट
थाना निवास पुलिस ने एक नाबालिग आदिवासी छात्रा से अशोभनीय व्यवहार करने वाले शिक्षक को मात्र 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। यह कार्यवाही पुलिस अधीक्षक मंडला श्री रजत सकलेचा के निर्देशन में की गई, जिसमें थाना निवास की टीम ने तत्परता एवं गंभीरता से कार्य कर एक सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
घटना का विवरण:
थाना क्षेत्र में निवास एक नाबालिग छात्रा द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि 27 अगस्त 2025 को दोपहर करीब 2 बजे स्कूल में पदस्थ शिक्षक ने उसे जबरन गले लगाकर गलत नीयत से छेड़छाड़ की। पीड़िता के अनुसार, आरोपी शिक्षक उसकी उम्र व जातीय से पूर्णतः अवगत था। इसके बावजूद उसने शिक्षकीय मर्यादा व मानव मूल्यों का उल्लंघन करते हुए यह घृणित कृत्य किया।
कानूनी कार्यवाही:
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना निवास में तत्काल भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो अधिनियम एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओ में अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा के निर्देश पर तत्काल एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडला एवं एसडीओपी निवास के मार्गदर्शन में फरार आरोपी की तलाश प्रारंभ की गई।
गहन विवेचना कर आरोपी शिक्षक को पकड़कर पीड़िता से विधिवत पहचान कराई गई, जिसमें उसने आरोपी की पुष्टि की। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल मंडला भेजा गया है।
टीम का विशेष योगदान:
इस कार्रवाई में निम्न पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा:
निरीक्षक वर्षा पटेल (थाना प्रभारी, निवास)
सहायक उप निरीक्षक अरुण आर्मो
आरक्षक रोहित कुमार कुशवाहा, हरवंश ठाकुर, सुरेश भटेरे एवं सूर्यचंद बघेल अजय यादव
सामाजिक संदेश:
एक शिक्षक समाज का निर्माता होता है, परंतु जब वही शिक्षक अपनी सीमाएं लांघता है, तो यह ना केवल पीड़ित छात्रा बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की गरिमा को ठेस पहुँचाता है। थाना निवास पुलिस द्वारा की गई त्वरित व सशक्त कार्यवाही से समाज में यह संदेश गया है कि कानून का पालन सभी के लिए समान है और महिला एवं बाल संरक्षण सर्वोपरि है।


