कटनी में दिगम्बर जैन समाज पंचायत महासभा के तत्वाधान में जैन बोर्डिंग हाउस परिसर में पर्यूषण महोत्सव के तीसरे दिन धर्म चर्चा का आयोजन किया गया। प.पू.पदम सागर जी महाराज ने उत्तम आर्जव धर्म पर चर्चा करते हुए कहा कि मन, वचन और काय की एकरूपता से जीवन शांत और सुखमय होता है। मुनिश्री ने अभिमान का त्याग कर स्वाभिमानी बनने का संदेश दिया और मायाचारी एवं छल-कपट से बचने की प्रेरणा दी।
*कार्यक्रम की मुख्य बातें:*
– *धर्म चर्चा*: प.पू.पदम सागर जी महाराज ने उत्तम आर्जव धर्म पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि मन, वचन और काय की एकरूपता से जीवन में शांति और सुख की प्राप्ति होती है।
– *मायाचारी और छल-कपट का त्याग*: मुनिश्री ने कहा कि मायाचारी और छल-कपट करने वालों को तिर्यंच गति की प्राप्ति होती है और वे दुर्गती को प्राप्त होते हैं। अतः इन दुर्गुणों का त्याग करना आवश्यक है।
– *उत्तम अर्जव धर्म*: उत्तम अर्जव धर्म का अर्थ है सच्चे देव, शास्त्र और गुरु की श्रद्धा के साथ मन, वचन और काय में सरलता बनाए रखना।
*अन्य गतिविधियाँ:*
– *शांतिधारा*: श्री 1008 चन्द्रप्रभ दिगम्बर जैन बंगला मंदिर के श्रद्धालुओं के साथ महेन्द्र कुमार और अमित कुमार जैन को शांतिधारा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
– *आहार चर्या*: रूपेश जैन गांधीगंज वाले को आहार चर्या का लाभ मिला।
– *तत्वार्थसूत्र का वाचन*: बंगला मंदिर पाठशाला के बच्चों ने तत्वार्थसूत्र का वाचन किया।
– *भजन प्रतियोगिता*: दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप मैन द्वारा भजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें 12 प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार क्रमशः श्रीमान शरद जैन, श्रीमती नेहा अखिलेश जैन और श्रीमती खुश्बू जैन को प्राप्त हुए।
*कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग:*
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संजय मीनू सिंघई, अनिल स्वाति जैन, बृजेश सीमा जैन, मगन जैन, पंचम नीता जैन, नवीन नीता जैन, रश्मि दीपक जैन, मोनिका जैन, दिनेश समता जैन, अमित सोनिया जैन, आशीष आम्रता जैन और अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


