बारिश के मौसम में लोग अक्सर अपनी आजीविका के लिए भुट्टे का विक्रय रेहड़ी-पटरी और ठेले लगाकर करते हैं। यात्रा के दौरान बहना को भुट्टे का व्यवसाय करते देखा तो वहां रूक कर प्रोत्साहित किया और इसी दौरान बहनों और बच्चों के साथ फोटो खिंचवा कर आशीर्वाद लिया। यह पल आनंद की अनुभूति से सराबोर था।