कटनी जिले का रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधिकतर लापरवाहियों को लेकर आज भी सुर्खियों में बना हुआ है। अफसोस तो है कि मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी भी इस ओर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझ रहे । यहां न तो सफाई व्यवस्था है, न मरीजों की भर्ती व्यवस्था, ना सही तरीके से मरीजों का इलाज और न ही डॉक्टर की लिखी हुई दवाइयों की वितरण होना ।
हद तो तब हो गई जब अपना इलाज कराने, अस्पताल पहुंचे मरीज घंटो यहां वहां भटकते रहे, लेकिन अस्पताल प्रबंधक की लापरवाही के कारण 11:00 बजे तक कोई भी डॉक्टर का पता नहीं था ।
वही आईसीओ वार्ड मैं दर्जनों की संख्या मैं भर्ती मरीज दिन मैं ही लाइट बंद होने कारण अंधेरे मैं व्याकुल थे। और गर्मी से बुरा हाल था,बेचारे परिजन अपने मरीजो को तौलिए से ही हवा दे रहे थे l जबकि अस्पताल परिसर मैं ही हेवी जनरेटर और इन्वेटर की सुविधा मौजूद हैं l उसके बावजूद कोई भी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा। इसमें किसकी गलती मानी जाए, कर्मचारी की, या अस्पताल प्रबंधक की,,?
जब अस्पताल में सारी सुविधाएं मौजूद है तो इतनी लापरवाही क्यों,? यदि जनरेटर है ,तो उसे चालू क्यों नहीं किया गया l और यदि खराब है तो उसे अभी तक बनवाया क्यों नहीं गया l जबकि विभाग द्वारा लाखों रुपए का बिल मनवाने तरीके से लगाकर कर्मचारी अपनी जेबें गर्म कर रहे है । और विभाग के पास इनवर्टर बनवाने तक के लिए क्या पैसा नहीं है l
अब सवाल यह उठता है कि क्या ऊपर बैठे उच्च अधिकारी इस संबंध में कोई कार्रवाई करेंगे या फिर इसी तरह ही मरीजों की सुविधाये दी जाएगी l जनता जवाब चाहती है ।
हरिशंकर बेन


