इस दिन राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:21 से दोपहर 1:24 बजे तक का रहेगा. इससे पहले भद्राकाल रहेगा, जिसे अशुभ माना जाता है, इसलिए शुभ कार्य दोपहर से पहले ही करें. ज्योतिषाचार्य यह भी मानते हैं कि जिन जातकों की कुंडली में ग्रहों की बाधाएं हैं, वे इस दिन विशेष पूजा या रक्षा-सूत्र मंत्रों के माध्यम से नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकते हैं.
रक्षाबंधन 2025 को लेकर इस बार कुछ बेहद खास होने जा रहा है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार का रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का उत्सव नहीं बल्कि एक अद्वितीय और शक्तिशाली ज्योतिषीय संयोग का दिन भी होगा. बताया जा रहा है कि ऐसा महासंयोग पूरे 95 साल बाद यानी 1930 के बाद पहली बार बन रहा है.
इस वर्ष रक्षाबंधन 9 अगस्त को मनाया जाएगा, जो कि सावन की पूर्णिमा, श्रवण नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग, इन तीनों के एक साथ पड़ने के कारण विशेष बन गया है. इसके अलावा सौभाग्य योग भी इस दिन को और अधिक फलदायी बना रहा है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ये सभी योग मिलकर इसे एक ऐसा पर्व बना रहे हैं जिसमें राखी बांधने और शुभ कार्य करने से कई गुना अधिक सकारात्मक फल मिलने की संभावना है.


