रिपोर्टर मुकेश चतुर्वेदी
माननीय न्यायालय – अनन्य विशेष न्यायाधीश (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012) जिला रायसेन म0प्र0 द्वारा आरोपी अजय आत्मज रामप्रसाद अहिरवार, आयु 48 वर्ष, निवासी तालाब मोहल्ला रायसेन, जिला रायसेन (म.प्र.) को भादसं. की धारा 376(3) में 20 वर्ष, पाक्सो एक्ट की धारा- 5एन सहपठित धारा 6 में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000/- रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
इस मामले में शासन की ओर से श्रीमती भारती गेडाम, अति. जिला लोक अभियोजन अधिकारी जिला रायसेन ने पैरवी की।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि, अभियोक्त्री ने दिनांक 05.11.2024 को समय 09:05 बजे जिला अस्पताल रायसेन में इस आशय की देहाती नालसी लेखबद्ध करायी कि लगभग 4 वर्ष पूर्व उसकी माता उसे उसके पिता के पास छोड़कर चली गयी है, वह और उसके पिता वार्ड क्र. 09 में किराये के मकान में रहते हैं, उनके पास किराये का एक ही कमरा है। वह और उसके पिता एक साथ ही बिस्तर में सोते हैं। लगभग 02 वर्ष पहले से उसके पिता अभियुक्त उसके साथ गलतकाम (बलात्काार) करते आ रहे हैं। उसके द्वारा कई बार मना किया फिर भी वे नहीं माने और उसके साथ गलत काम (बलात्कार) कर रहे हैं, कई दिनों से उसका महीना नहीं आ रहा था, किन्तुे उसने पिताजी को यह बात नहीं बतायी। आज रात में पेट दर्द होने से उसने उसके पिता को बताया तो उसके पिता उसे अस्पताल लेकर आये जहां यह पता चला कि वह गर्भवती है और परिणामस्वरूप अस्पाताल में उसने एक बच्चे को जन्म दिया है। आखिरी बार उसके पिता ने आज से 4-5 माह पूर्व उसके साथ गलत काम (बलात्कार) किया था। उक्त देहाती नालसी पर से पुलिस थाना रायसेन द्वारा अपराध कायम कर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गयी।
अनुसंधान के दौरान अनुसंधान अधिकारी ने घटनास्थल पर जाकर नक्शा मौका, विडियोग्राफी पंचनामा बनाया। अभियोक्त्री के कथन लेखबद्ध किये गये। अभियोक्त्री का डीएनए परीक्षण कराया गया जिसमें सकारात्मक रिपोर्ट प्राप्त् हुई। प्रकरण की संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं दलीलों के आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा विचारण उपरांत न्यायालय द्वारा कहा गया कि ‘’जब रक्षक ही भक्षक बन जायें तो अभियोक्त्री क्या कर सकती है’’ मान. न्यायालय द्वारा अभियोजन साक्षियों की साक्ष्य विश्रषनीय पायी जाने के आधार पर, डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव प्राप्त् होने के आधार पर यह प्रमाणित माना की अभियोक्त्री् के साथ उसके पिता (अभियुक्त अजय) ने ही बलात्कार किया है। उक्त के आधार पर मान. न्याया. द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध किया गया।
श्रीमती किरण नंदकिशोर
मीडिया प्रभारी
जिला रायसेन म0प्र0


