उमरियापान:- करौंदी स्थिति देश का भागौलिक केंद्र बिंदु वर्षों से उपेक्षा और गुमनामी की मार झेल रहा है।करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद स्मारक आज रखरखाव के अभाव में बदहाल है। सुंदर नक्काशी और सुंदरता बर्बाद होती जा रही है। देश के हृदय स्थल आज खुद अपनी पहचान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है।ऐतिहासिक स्थल की यह दुर्दशा देखने के बाद हर पर्यटक निराश लौटता है।डॉ.राममनोहर लोहिया का सपना था कि देश के केंद्र बिंदु में एक अंतरराष्ट्रीय आदर्श गांव बसाया जाए,लेकिन निधन के बाद उनका सपना भी चकनाचूर हो गया। प्रशासन भी देश की इस धरोहर का संरक्षण नहीं कर सका और यह स्थल गर्त में समा गया।देश के केंद्र बिंदु की दुर्दशा को “हरिभूमि” ने लगातार प्रमुखता से उठाया। खबर पर संज्ञान लेते हुए बड़वारा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलकर भारत के भागौलिक केंद्र बिन्दु का जीर्णोद्धार और पर्यटन स्थल के रूप में विकास की मांग को लेकर पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री को सौंपे पत्र में विधायक ने कहा कि बड़वारा विधानसभा के बम्हनी ग्राम पंचायत में भारत देश का भागौलिक केन्द्र बिंदु स्थित है। डॉ. राममनोहर लोहिया की पहल पर वर्ष 1956 में भारत के भौगोलिक केंद्र बिंदु की पहचान की गई थी। इसके पश्चात 1987 में एक भव्य स्मारक का निर्माण भी कराया गया था, लेकिन सुरक्षा अभाव में आज यह स्थल बदहाल स्थिति में हैं। विधायक ने कहा कि यह स्थान पर्यटन के लिहाज से अत्यंत संभावनाओं से भरा है। सरकारी उपेक्षा के चलते यह इतिहास और भूगोल दोनों से कटता जा रहा है। अगर केंद्र बिंदु का जीर्णोद्धार और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए, तो न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि यह भारत की पहचान का केंद्र भी बन सकता है।
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी


