उमरियापान | विकास का असली चेहरा तब उजागर होता है जब हम गांवों के अंतिम छोर पर बसे उन वार्डों की हकीकत देखते हैं, जो अक्सर चुनावी वादों में तो चमकते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर बदहाल होते हैं। ग्राम पंचायत उमरियापान के वार्ड क्रमांक 20 की स्थिति कुछ ऐसी ही है। यहाँ न सड़क है, न नाली, और न ही साफ-सफाई की व्यवस्था। चारों ओर गंदगी का अंबार है। हालत इतनी बदतर है कि लगता है जैसे यह वार्ड किसी सुनियोजित योजना का हिस्सा ही नहीं था। ग्राम पंचायत उमरियापान एक सक्रिय पंचायत मानी जाती है, जहां पर कृषि, जनकल्याण और निर्माण कार्यों के लिए कई योजनाएं स्वीकृत होती रही हैं। मगर इस पंचायत का वार्ड क्रमांक 20 ऐसा इलाका बन चुका है जो विकास की दौड़ में पूरी तरह से पीछे छूट गया है।
*वार्ड क्रमांक 20 गंदगी, बदहाली और प्रशासनिक उपेक्षा का नमूना*
वार्ड क्रमांक 20 की गलियों में आज भी लोगों को कीचड़ और कूड़े-कचरे से होकर निकलना पड़ता है। न कोई सीसी रोड है, न पक्की नाली, और न ही जल निकासी की व्यवस्था। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं घरों में गंदा पानी घुस आता है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
*नालियों का अभाव बीमारियों का न्योता*
वार्ड में नालियों की व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी घरों के सामने ही जमा हो जाता है। पानी के ठहराव से मच्छर पनपते हैं, जिससे मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। किसी भी प्रकार की सफाई व्यवस्था नहीं है , न कोई सफाई कर्मचारी आता है, न पंचायत का ध्यान।
रिपोर्टर राजेंद्र कुमार चौरसिया धीमरखेडा कटनी


