4 जुलाई शुक्रवार की सुबह से हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। खासकर कटनी जिले की रीठी के निचले इलाकों में स्थित शिवनगर मोहल्ला में बिना नदियों के बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पानी गलियों से होकर प्रायः सभी घरों के अंदर तक लगभग डेढ़ फुट पानी भरने से घर गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया ।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह स्थिति हर वर्ष बनती है, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। शिवनगर के निवासी वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन बारिश के मौसम में उनकी पीड़ा को केवल कैमरे की फ्लैश में कैद कर छोड़ दिया जाता है। एक बुजुर्ग महिला ने बताया हर साल यही होता है। नालियाँ साफ नहीं होतीं, पानी रुकता है और पूरा मोहल्ला तालाब बन जाता है। अधिकारी आते हैं, फोटो खिंचवाते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। है l वही आगे अपने फायदे के लिए पानी की निकासी को रोक दिया जाता है ।
विशेष बात यह है कि अप्रैल माह में ही नाली निर्माण के लिए बजट जारी कर दिया गया था, लेकिन अब तक उसका कोई लाभ धरातल पर नहीं दिख रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और सचिव की लापरवाही के कारण यह कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे आज बारिश ने संकट की स्थिति पैदा कर दी है। और अब पूरा मोहल्ला जलमग्न हो गया है।
वही शिवनगर मैं बाड़ जैसी स्थिति की सूचना मिलते ही हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी तुरंत प्रशासन मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से नाली बनवाकर पानी निकासी का काम शुरू कर दिया है।
गौरतलब है इस हिस्से में हर साल मानसून में इस तरह की स्थिति बनती है, लेकिन सरकारी योजनाएँ और फंड केवल कागज़ों तक सीमित रह जाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस बार केवल खानापूर्ति न हो, बल्कि स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ । ताकि हर साल की बाढ़,परेशानी से राहत मिल सके।
हरिशंकर बेन


