चारा घोटाला की बात तो आपने सुनी ही होगी l पर रीठी जनपद पंचायत की गौशालाओं में भी चारागाह घोटाला की बात सामने निकल कर आ रही है जिसका खुलासा सूचना के अधिकार के माध्यम से प्रकाश में आया । कि रीठी जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पचायत बड़गांव,घनिया,घुघरा,जमुनिया, पोड़ी मैं संचालित प्रत्येक गौशाला मैं चारागाह हेतु 14 लाख 99 हजार रुपए स्वीकृत किया गया था। जिनमे बड़गांव 12 लाख 8 हजार, घनिया 7लाख 48 हजार , घुघरा 7लाख 18 हजार, जमुनिया 2लाख 7 हजार और पोड़ी मैं 4लाख 21 हजार रुपए चारागाह बनाने हेतु खर्च किया गया । परंतु जब इंडिया न्यूज़ आज तक, सिर्फ कड़वा सच की टीम ने जमीनी हकीकत जानी तो सच्चाई खुद सामने आई और किसी भी गौशाला मैं चारागाह बना नही मिला । अब सोचने वाली बात यह है कि कुल स्वीकृत राशि 74 लाख 95 हजार में,से 33 लाख 2 हजार खर्च किए गए । तो आखिर यह राशि किसकी जेब में गई । क्या,,? सरपंच ,सचिव, इंजीनियर और मनरेगाअधिकारी की मिलीभगत से सिर्फ खानापूर्ति कर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया है ।
इस संबंध में जब इंजीनियर और मनेरगा अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा हमारा जो काम था वह हमने किया बाकी साहब से बात कर ले वही रीठी जनपद सीईओ चंदूलाल पनिका से बात की गई तो उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए कहा आपको जो लिखना हो लिखो । इससे साफ प्रतीत होता है कि रीठी जनपद पंचायत में चरागाह घोटाला तो हुआ है ।
जबकि शासन का उद्देश्य गौशाला में चरागाह बनाए जाने से मवेशियों को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा मिलने से वह तंदुरुस्त रहेंगे और स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है । साथ ही गोवंशो में मृत्यु दर की संख्या भी घटेगी।
हरिशंकर बेन


