*बरही क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि ऐसा किसी कानून में नहीं लिखा कि नदी की धार रोक दी जाए पर ऐसा ही हो रहा है और जिला प्रशासन मौन है।*
*पिपही नदी के बहाव को पत्थर और मिट्टी से पूरी तरह रोक कर अवैध तरीके से रेत निकाली जा रही है रेत।*
स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस समय एनजीटी के नियमों के तहत नदियों में रेत के उत्खनन पर रोक लगी है। लेकिन रेत का उत्खनन किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि ग्राम बगैहा से लेकर छिंदहाई पिपरिया तक कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत सड़क बनाई गई थी जो सड़क खराब होने लगी है। स्थानीय लोगों ने सड़क खराब होने की वजह ओवरलोड वाहन हैं।
एनजीटी व कलेक्टर के निर्देशों के बाद भी जिले में रेत का उत्खनन नहीं रुक रहा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ढीमरखेड़ा क्षेत्र के पौंड़ी खुर्द, घुघरी, टोपी, कछारगांव, बरौदा, दतला, सिमरिया व बरही क्षेत्र की महानदी के जाजागढ़ में भी रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन जारी है। इसी तरह बड़वारा के लोहरवारा में रेत का अवैध उत्खनन जारी है। जाजागढ़ में वाहनों की धमाचौकड़ी से सड़क पूरी तरह खराब हो गई है। ग्रामीण अपने स्तर पर शिकायत कर रहे हैं लेकिन कहीं पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है। खनिज के अवैध उत्खनन और भंडारण पर कार्रवाई को लेकर सरकार ने अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश तो जरूर दिए हैं लेकिन सरकार के इन निर्देशों को अधिकारी हवा में उड़ा रहे हैं।
*नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश*
नदियों से रेत निकालने को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश हैं कि 15 अक्टूबर तक खनन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। नदियों में अन्य जीवों को नुकसान की दृष्टि से लगाए इस प्रतिबंध का असर जिले की नदियों में नहीं दिख रहा है। बारिश में नदियों से रेत खनन पर कार्रवाई की जाएगी लेकिन ग्रामीणों ने बताया कि खमतरा क्षेत्र की महानदी की तट पर और ढीमरखेड़ा में दतला नदी से बारिश के मौसम में भी रेत का अवैध खनन लगातार हो रहा है।
*जाजागढ़ में पिपही नदी के बहाव को पूरी तरह बंद कर दिया गया है*
बरही क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि ऐसा किसी कानून में नहीं लिखा कि नदी की धार रोक दी जाए पर ऐसा ही हो रहा है और जिला प्रशासन मौन है। पिपही नदी के बहाव को पत्थर और मिट्टी से पूरी तरह रोक कर अवैध तरीके से रेत निकाली जा रही है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस समय एनजीटी के नियमों के तहत नदियों में रेत के उत्खनन पर रोक लगी है। लेकिन रेत का उत्खनन किया जा रहा है।
*सड़कें हो रहीं खराब*
स्थानीय निवासियों ने बताया कि ग्राम बगैहा से लेकर छिंदहाई पिपरिया तक कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत सड़क बनाई गई थी जो सड़क खराब होने लगी है। स्थानीय लोगों ने सड़क खराब होने की वजह ओवरलोड वाहन हैं।
*एनजीटी व कलेक्टर के निर्देशों के बाद भी जिले में रेत का उत्खनन नहीं रुक रहा है*
ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ढीमरखेड़ा क्षेत्र के पौंड़ी खुर्द, घुघरी, टोपी, कछारगांव, बरौदा, दतला, सिमरिया व बरही क्षेत्र की महानदी के जाजागढ़ में भी रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन जारी है। इसी तरह बड़वारा के लोहरवारा में रेत का अवैध उत्खनन जारी है। जाजागढ़ में वाहनों की धमाचौकड़ी से सड़क पूरी तरह खराब हो गई है। ग्रामीण अपने स्तर पर शिकायत कर रहे हैं लेकिन कहीं पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है। खनिज के अवैध उत्खनन और भंडारण पर कार्रवाई को लेकर सरकार ने अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश तो जरूर दिए हैं लेकिन सरकार के इन निर्देशों को अधिकारी हवा में उड़ा रहे हैं।


