संयुक्त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर संभाग, जबलपुर द्वारा जिले के 318 विकास खण्ड के शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए क्रमोन्नति, समयमान- वेतनमान का प्रावधान किया गया है। कार्यालय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर संभाग जबलपुर द्वारा जारी आदेश में जिला शिक्षा अधिकारी, द्वारा माध्यमिक शिक्षक संवर्ग के लोक सेवकों की क्रमोन्नत वेतनमान स्वीकृति हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों का विभागीय पदोन्नति, छानबीन समिति की बैठक 28 फरवरी के परीक्षणोंपरान्त की गई अनुशंसा उपरान्त नवीन शैक्षणिक संवर्ग में माध्यमिक शिक्षक पद पर जिले से 318 लोकसेवकों को 01 जुलाई 2018 अथवा इसके पश्चात पात्रता तिथि को 12 वर्ष की सेवा पूर्ण होने प्रथम क्रमोन्नत वेतनमान छठवें वेतनमान रुपये 9300-34800 ग्रेड पे-3600 एवं सातवें वेतनमान 36200-114800 लेबल –09 की शर्तों के अधीन स्वीकृत किया गया है
क्रमोन्नत वेतनमान स्वीकृत हेतु आवश्यक शर्ते
जारी आदेश के अनुसार संबंधित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, आहरण संवितरण अधिकारी, संकुल प्राचार्य, संस्था प्रमुख संबंधित लोक सेवक की मूल सेवा अभिलेख से मिलान कर यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित माध्यमिक शिक्षक को जिस तिथि से क्रमोन्नत वेतनमान स्वीकृत है, उक्त तिथि को उनके द्वारा प्रथम नियुक्ति होने के समय संस्था, शाला में कार्यभार ग्रहण दिनांक से निरन्तर 12 वर्षाे की सेवा पूर्ण की गई है, ताकि सेवा में व्यवधान अनाधिकृत अनुपस्थिति अवधि सम्मिलित नहीं है।
संबंधित लोक सेवकों की अनाधिकृत अनुपस्थिति अवधि के कारण काम नहीं दाम नहीं के आधार पर वेतन भुगतान न किया गया हो अथवा सक्षम अधिकारी के द्वारा आज की तिथि तक लोक सेवक की अनुपस्थित अवधि का निराकरण नहीं किया गया है तो ऐसे प्रकरणों में क्रमोन्नति का लाभ दिए जाने से पूर्व लोक सेवक की अनुपस्थित अवधि का परीक्षण कर उक्त अनुपस्थि
अवधि सम्मिलित नहीं है।
संबंधित लोक सेवकों की अनाधिकृत अनुपस्थिति अवधि के कारण काम नहीं दाम नहीं के आधार पर वेतन भुगतान न किया गया हो अथवा सक्षम अधिकारी के द्वारा आज की तिथि तक लोक सेवक की अनुपस्थित अवधि का निराकरण नहीं किया गया है तो ऐसे प्रकरणों में क्रमोन्नति का लाभ दिए जाने से पूर्व लोक सेवक की अनुपस्थित अवधि का परीक्षण कर उक्त अनुपस्थित अवधि के नियमानुसार निराकरण हेतु सक्षम अधिकारी को उचित माध्यम से सुसंगत दस्तावेजों सहित प्रसताव भेजकर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। किसी भी प्रकार की विपरीत स्थिति पाए जाने पर क्रमोन्नति का लाभ नहीं देते हुए कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी एवं कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश ताकि संबंधित लोक सेवकों को प्रदाय की गई क्रमोन्नति निरस्त की जा सके।
लोक सेवक के विरुद्ध किसी भी प्रकार की विभागीय जांच लंबित, अनुशासनात्मक कार्यवाही तथा वेतन वृद्धि रोकने इत्यादि शास्ति प्रभावशील नहीं है, इसकी पुष्टि संबंधित लोक सेवकों के सेवा अभिलेखों एवं कार्यालयीन अभिलेख से करने के निर्देश दिए गए है यदि संबंधित लोक सेवक के विरुद्ध न्यायालय में आपराधिक प्रकरण, विभागीय जाँच प्रचलित हो अथवा माननीय न्यायालय या अनुशासनिक अधिकारी द्वारा प्रकरण के निराकरण में उन्हें दोषी पाये जाने के फलस्वरूप दंडित किया गया हो तो क्रमोन्नति का लाभ नहीं देते हुए उनके संबंध में तथ्यात्मक प्रतिवेदन सुसंगत दस्तावेज के साथ क्रमोन्नति आदेश निरस्तीकरण के लिए तत्काल कार्यालय को सूचित करने के निर्देश दिए गए है।
संबंधित लोक सेवक को लाभ देने के पूर्व उनकी मूल पद पर प्रथम नियुक्ति होने पर कार्यभार ग्रहण तिथि की पुष्टि मूल सेवा अभिलेखों से करने तथा पात्र लोक सेवक का वेतन निर्धारण कर भुगतान करने के पूर्व संभागीय संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा का अनुमोदन प्राप्त करने के उपरांत ही क्रमोन्नत वेतनमान का वास्तविक लाभ दिया जायेगा। शासन निर्देशानुसार जिन पात्र कर्मचारियों ने उच्च पदों पर पदोन्नति लेने से या पदोन्नति पद पर जाने से इंकार किया है। वे कर्मचारी क्रमोन्नति योजना के पात्र नहीं होंगे। उन्हें उक्त योजना का लाभ प्राप्त नहीं होगा, के संबंध मे संबंधित के सेवा अभिलेख परीक्षणोंपरान्त नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
म.प्र. राज्य स्कूल शिक्षा सेवा शर्ते एवं भर्ती नियम 2018 के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग में वर्णित जिन लोक सेवकों को सीधी भर्ती की श्रेणी में माध्यमिक शिक्षक के पद पर पूर्व में शिक्षाकर्मी वर्ग-2, संविदा शाला वर्ग-2 के पद पर सीधी भर्ती से नियुक्ति प्राप्त हुई है, उन्हें ही क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ देय होगा। शासन निर्देशानुसार इस योजना के अंतर्गत उच्च वेतनमान का लाभ देने के पश्चात यदि कोई लोक सेवक बाद मे नियमित पदोन्नति स्वीकार करने से इंकार करता है तो उसे पूर्व में स्वीकृत उच्च वेतनमान के अंतर्गत वित्तीय लाभ वापिस नहीं लिया जाएगा, परन्तु बाद में उसे कोई उच्चतर वेतनमान का वित्तीय लाभ देय नहीं होगा। इसकी विस्तृत सूची जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में देखी जा सकती है।


