सिलौंडी :कछार गाँव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथावाचक उध्दव गर्ग ने मंगलवार को श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनाया । श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह को एकाग्रता से सुना ।
कथावाचक उध्दव गर्ग ने कहा कि रुक्मणी विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री और साक्षात लक्ष्मी जी का अवतार थी । रुक्मणी ने जब देवर्षि नारद के मुख से श्रीकृष्ण के रूप, सौंदर्य एवं गुणों की प्रशंसा सुनी तो उसने मन ही मन श्रीकृष्ण से विवाह करने का निश्चय किया । रुक्मणी का बड़ा भाई रुक्मी श्रीकृष्ण से शत्रुता रखता था और अपनी बहन का विवाह चेदिनरेश राजा दमघोष के पुत्र शिशुपाल से कराना चाहता था । तत्पश्चात श्रीकृष्ण ने द्वारिका में अपने संबंधियों के समक्ष रुक्मणी से विवाह किया । इस दौरान विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह, मंडल अध्यक्ष मनीष बागरी, उमरियापान मंडल अध्यक्ष आशीष चौरसिया, पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रशांत राय, सरपंच कैलाश चंन्द्र जैन, सरपंच अनिल बागरी सरपंच खमरिया बागरी, ओमकार उपाध्याय, राजेन्द्र बागरी, मोती हल्दकार, विजय राय, गणेश राय, शैलेश जैन, दुर्गेश लोधी, अरविंद तिवारी,अमरेश राय कमल बागरी सागवा, महेन्द्र सिंह ठाकुर युवा पत्रकार धीरज जैन आदि मौजूद रहे ।


