रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। शहर के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी रहवासी युवक अमित दीवान पिता देवनारायण (33 ) ने ऑनलाइन गेमिंग क्रिकेट सट्टा के कर्ज के रुपए देने के बाद भी रसूखदार चेहरों द्वारा प्रताड़ित किए जाने के फलस्वरुप रविवार 2 फरवरी को बाबई रोड स्थित यशराज होटल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पूर्व मृतक ने तीन पन्नों का सुसाइड नोट आधा अंग्रेजी आधा हिंदी में लिखा हुआ छोड़ा था। जिसे घटनास्थल से पुलिस ने जप्त किया था, जिसके बाद पूरा मामला सामने आया और देहात पुलिस ने परिजनों के बयान और सुसाइड नोट के आधार पर आठ लोगों को आरोपी बनाते हुए नामजद FIR दर्ज की है। इसके बाद से आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। देहात टीआई प्रवीण चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार आरोपियों के निवास और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। बताया जाता है कि जानकारी मिलने पर विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा भी मृतक अमित दीवान के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात कर पुलिस से घटना के संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी ली है और कठोर कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। वहीं अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज सर्व विप्र महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश दुबे के नेतृत्व में गुरुवार को ब्राह्मण समाज ने पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया कि आईपीएल सटोरियों के मानसिक दबाव में आकर अमित दीवान ने आत्महत्या की है। पूर्व में भी दो ब्राह्मण युवाओं ने मृत्यु का सहारा लिया पर आईपीएल के सटोरियों पर ना तो कोई कार्यवाही हुई और ना ही अंकुश लग सका है।राजनीति और पैसों के दम पर इन पर कोई कार्यवाही नहीं होती, पुलिस भी कहीं ना कहीं राजनीतिक प्रेशर में उचित कार्यवाही करने में विलंब कर रही है।आरोपियों के परिवार पर प्रेशर बनाकर आईपीएल सटोरियों जिन्होंने अपराध किया है और जो उनसे जुड़े हुए,उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। ज्ञापन में यह भी सवाल उठाए गए हैं कि जिन आठ आरोपियों के नाम दर्ज किए गए हैं उनमें भाजपा नेता प्रकाश शिवहरे के बेटे विक्की शिवहरे ,आकाश मोबाइल , ऋषि सराठे ,भैय्यू सराठे जो प्रमुख रूप से आईपीएल जैसे सट्टा के सरगना होते है। उन्हीं के इशारों पर सट्टा जिलों में ऑनलाइन सट्टा गेमिंग संचालित होता है । जिसमें ऋषि सराठे की जिलाबदर की फाइल भी किसी राजनीतिक प्रेशर के कारण आज तक लंबित पड़ी है और कोई कार्यवाही नहीं की गई। इन्हीं के द्वारा राकेश रघुवंशी ने अमित दीवान पर इतना मानसिक भय उत्पन्न किया कि दीवान ने मौत का सहारा लिया। भाजपा नेता प्रकाश शिवहरे पर आपराधिक प्रकरण है वह संरक्षक बनकर बैठे हैं। इन पर भी आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई? आखिरकार इन लोगों के द्वारा आईपीएल के सट्टा से इतनी अवैध कमाई की है जो एक जांच का विषय है। अपराधियों के घर शासन द्वारा बुलडोजर चलाए जाते हैं पर इन पर मेहरबानी अब तक क्यों? पूर्व में भी दो ब्राह्मण युवाओं ने मृत्यु का सहारा लिया पर आईपीएल के सटोरिया पर ना तो कोई कार्रवाई हुई और ना ही अंकुश लग सका? इन सब पर कार्यवाही नहीं होने पर जन आंदोलन के साथ धरना प्रदर्शन की चेतावनी भी दी गई है। आरोपियों की प्रताड़ना से आत्महत्या की गंभीर घटना के बाद यह मांग भी हो रही है कि आरोपियों की चल अचल संपत्ति, बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की जांच सहित मोबाइल कॉल डिटेल और मोबाइल पर ऑनलाइन पेमेंट की जांच की मांग भी जोर पकड़ रही है। वही ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से विप्र महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश दुबे, रत्नेश दुबे, आलोक शर्मा, पंकज शुक्ला, पार्षद राजेंद्र उपाध्याय, सुखदेव भार्गव, उदित द्विवेदी, जयशंकर तिवारी, आनंद कुमार उपाध्याय,आशीष दीवान, राजेंद्र कुमार, भूपेंद्र पाठक इत्यादि ब्राह्मण समाज से मौजूद रहे।


